Dhamtari: पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में विशेष जागरूकता कार्यशाला, डॉ. हीरा महावर ने नशे के दुष्परिणाम, मानसिक-शारीरिक प्रभाव एवं नशामुक्ति के उपायों पर दी जानकारी

धमतरी। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र, कंपोजिट बिल्डिंग में नशा मुक्ति एवं नशे के दुष्परिणामों के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस अधिकारी- कर्मचारियों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रभावी रूप से पहुंचाना रहा।

कार्यशाला में डॉ. हीरा महावर द्वारा नशा मुक्ति के संबंध में विस्तृत एवं महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि नशे की शुरुआत अक्सर शौक या साथियों के दबाव में होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने शराब, तंबाकू, गुटखा, गांजा सहित विभिन्न प्रकार के मादक एवं नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

डॉ. महावर ने नशे के कारण होने वाली शारीरिक कमजोरी, मानसिक तनाव, व्यवहार में परिवर्तन, पारिवारिक कलह, आर्थिक नुकसान तथा गंभीर बीमारियों के संबंध में भी जानकारी देते हुए नशे की लत से बचाव एवं उससे बाहर निकलने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को तिरस्कार नहीं, बल्कि समय पर उचित मार्गदर्शन, सहयोग एवं उपचार की आवश्यकता होती है। उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों से नशामुक्ति के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक  भावना पांडेय ने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों, युवाओं एवं विद्यार्थियों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में पुलिस के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने यह भी बताया कि आज के समय में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया की अत्यधिक लत भी बच्चों के मानसिक एवं सामाजिक विकास को प्रभावित कर सकती है। इसलिए अभिभावकों को छोटे बच्चों को अनावश्यक एवं अत्यधिक मोबाइल उपयोग से दूर रखना चाहिए। बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर अभिभावक निगरानी रखें तथा उन्हें खेलकूद, पढ़ाई, रचनात्मक गतिविधियों और परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रेरित करें।

 

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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