धमतरी। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी/POCSO) ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 5,000 का रूपये का अर्थदंड से दंडित किया गया है।
अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी/POCSO), धमतरी द्वारा आरोपी राकेश मंडावी, को दोषसिद्ध पाते हुए कठोर सजा से दंडित किया गया है। न्यायालय द्वारा आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत 07 वर्ष का सश्रम कारावास,धारा 87 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास,अर्थात शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास की सजा एवं 5,000/- रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी।
साथ ही न्यायालय द्वारा आरोपी की ओर से जमा कराई गई 7,000/-रुपये की अर्थदंड राशि पीड़िता को उसके अभिभावक के माध्यम से प्रतिकर के रूप में प्रदान किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्कृष्ट विवेचना के लिए तत्कालीन थाना प्रभारी केरेगांव होंगे पुरस्कृत उक्त प्रकरण में अपराध की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक टुमन लाल टडसेना द्वारा तत्परता एवं गंभीरता से विवेचना करते हुए साक्ष्यों का वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत संकलन कर प्रकरण को न्यायालय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। परिणामस्वरूप आरोपी को कठोर सजा दिलाने में सफलता प्राप्त हुई।
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय द्वारा उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना के लिए निरीक्षक टुमन लाल टडसेना को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई है।










