नई दिल्ली। यूपीआई ट्रांजैक्शन पर एमडीआर लागू होने की चर्चाओं के बीच आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसकी लागत कौन उठाएगा. फिलहाल ग्राहकों, व्यापारियों या किसी भी तरह के UPI ट्रांजैक्शन पर कोई नया चार्ज लागू नहीं किया गया है. सरकार का विधेयक केवल भविष्य के लिए विकल्प उपलब्ध कराता है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 पेश किया है. इस विधेयक के जरिए केंद्र सरकार को यह तय करने का अधिकार मिल सकता है कि किन इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट माध्यमों पर शुल्क नहीं लगेगा और किन पर फ्यूचर में शुल्क लगाया जा सकता है.
फिलहाल इसका जवाब नहीं है. अभी तक सरकार ने ग्राहकों, व्यापारियों या किसी भी तरह के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कोई नया चार्ज लागू नहीं किया है. विधेयक में न तो यूपीआई का नाम लिया गया है, न MDR की कोई दर तय की गई है और न ही 2,000 रुपये की सीमा का कोई उल्लेख किया गया है.
एमडीआर वह शुल्क होता है, जो आमतौर पर व्यापारी डिजिटल पेमेंट को प्रोसेस करने वाले बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देता है. यह सीधे ग्राहक से लिया जाने वाला शुल्क नहीं होता.










