धमतरी @ विश्वनाथ गुप्ता। धमतरी के इतिहास के पन्नो पर कई हत्याएं हुई लेकिन 11 अगस्त 2025 रायपुर से आए 4 युवक जो रायपुर सेज बहार के रहने वाले थे धमतरी घूमने निकले थे ,,उनमें धमतरी के गांव एरिया का 1 युवक भी इनके साथ घूम रहा था ,,आपस में दोस्त थे घूमने के बाद रात भोयना स्थित अन्नपूर्णा ढाबा खाना खाने गए और यही काल गर्त में धकेल दिए गए।
छोटी से बात से शुरू हुई झड़प ने खूनी रूप ले लिया
नसेडियो के एक ग्रुप ने उन पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला बोल दिया ,,जिसमे रायपुर से आए तीन युवक की मौके पर ही मौत हो गई और 2 युवकों ने भाग कर अपनी जान बचाई।
किसी ने घटना की जानकारी पुलिस को दी घटना बड़ी होने से पुलिस भी मौके पर राकेट की रफ्तार से पहुंची ,, और खोज बीन में जुट गई कुछ ही समय बिता होगा पता सजी के आधार पर हत्यारो को पुलिस ने गिरफ्तार किया ,,ये युवा इतने नशे में थे की पुलिस गाड़ी में बैठ कर विक्टरी साइन वाला पोज़ बना रहे थे इनके चेहरे पर मुस्कान बता रही थी की इन्हें अपने किए पर कोई पक्षतावा नही है बल्कि ये अपने आप को शहंशाह समझने लगे थे।
पुलिस ने सभी साक्ष्य इकट्ठे कर कार्यवाई पूरी कर न्याय के मंदिर में पेश कर दिया, जिसमे 1700 पन्नो की चार्ट सीट सहित ,253 पन्नो की सीडीआर कापी सहित आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर भी केश को मजबूती से पेश किया है ,,28 लोगो की गवाही भी हो चुकी है।
अब देखना ये है की 8 आरोपियों में जो 5 बालिक है, उन को क्या सजा मिलती है 3 आरोपी जो नाबालिक थे उन पर बाल न्यायलय में सुनवाई चल रही है।
मृतक के परिवार वाले चाहते है मुख्य आरोपियों को फांसी हो ,,लेकिन धमतरी के इतिहास में अभी तक शायद किसी को फांसी नही दी गई है। अगर किसी को फांसी होती है तो धमतरी का इतिहास बदल जायेगा । लेकिन न्याय पालिका से बड़ा कुछ भी नही जो न्याय संगत होगा वही होना है।
विशेष धमतरी में बढ़ते अपराध के ग्राफ को देखते हुए न्याय व्यवस्था को भी निष्ठुर बनने का समय आ गया है और परिवार के साथ धमतरी की जनता भी चाहती है आरोपियों को इतनी कड़ी सजा मिले की फांसी न सही लेकिन मौत तक उन्हें जेल में ही रखा जाए ,,वही कई समाज सेवी लोगो का कहना है मुख्य आरोपियों को फांसी हो।










