रूद्री पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग पहल – सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राओं को कराई गई थाना एवं कंट्रोल रूम की शैक्षणिक यात्रा

 पुलिस की कार्यप्रणाली से रूबरू हुए विद्यार्थी – आरक्षक से डीजीपी तक पुलिस रैंक, एफआईआर से सीसीटीएनएस तक दी गई विस्तृत जानकारी

धमतरी । धमतरी पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार जिले में सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने एवं विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून तथा सुरक्षा व्यवस्था के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रूद्री पुलिस द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल की राष्ट्रसेवा, एकता एवं अनुशासन की भावना तथा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत सरस्वती शिशु मंदिर, रूद्री के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष थाना एवं पुलिस कंट्रोल रूम भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को थाना रूद्री की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि पुलिस विभाग किस प्रकार अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं आमजन की सुरक्षा के लिए कार्य करता है। विद्यार्थियों को आरक्षक से लेकर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तक पुलिस विभाग के विभिन्न पदों एवं रैंक के संबंध में जानकारी दी गई तथा प्रत्येक स्तर पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका को सरल भाषा में समझाया गया।

एफआईआर से लेकर डिजिटल पुलिसिंग तक समझी प्रक्रिया

विद्यार्थियों को एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, अपराध की सूचना प्राप्त होने के बाद पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई, विवेचना एवं प्रकरण से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही थाना परिसर में संचालित मालखाना के संबंध में बताया गया कि अपराधों से संबंधित जब्त सामग्री एवं संपत्ति को नियमानुसार किस प्रकार सुरक्षित रखा जाता है तथा उसका रिकॉर्ड संधारित किया जाता है।

पुलिस की आधुनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराते हुए छात्र-छात्राओं को सीसीटीएनएस (CCTNS), वीसीएनबी (VCNB) सहित डिजिटल पुलिसिंग व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी गई। पुलिस रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, अपराध एवं अपराधियों से संबंधित जानकारी के संधारण तथा विभिन्न पुलिस सेवाओं में तकनीक के उपयोग के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।

इसके साथ ही पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया एवं उसके महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि विभिन्न आवश्यकताओं के अनुसार पुलिस द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया किस प्रकार की जाती है और इसमें सही जानकारी उपलब्ध कराने की नागरिकों की जिम्मेदारी क्या है।

महिला एवं बाल सुरक्षा तथा पुलिस पेट्रोलिंग की दी जानकारी

विद्यार्थियों को थाना परिसर में संचालित महिला एवं बाल डेस्क के संबंध में जानकारी देते हुए महिला एवं बच्चों से संबंधित शिकायतों में पुलिस द्वारा की जाने वाली सहायता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही के बारे में बताया गया। साथ ही पुलिस पेट्रोलिंग की भूमिका समझाते हुए बताया गया कि नियमित गश्त के माध्यम से पुलिस किस प्रकार अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को धमतरी पुलिस द्वारा किए जा रहे अच्छे एवं जनहितकारी कार्यों की जानकारी भी दी गई। पुलिस के विभिन्न जनजागरूकता अभियानों, सामुदायिक पुलिसिंग गतिविधियों एवं जनसहयोग से संचालित सुरक्षा संबंधी प्रयासों के बारे में बताया गया। साथ ही विद्यार्थियों को धमतरी पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता संदेश, आवश्यक सूचनाएं, सुरक्षा संबंधी सलाह एवं पुलिस की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाती है।

कंट्रोल रूम का भ्रमण, डायल-112 और वायरलेस प्रणाली को करीब से देखा

कार्यक्रम के दूसरे चरण में छात्र-छात्राओं को पुलिस नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) का भी भ्रमण कराया गया। वहां विद्यार्थियों को पुलिस नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस तक सूचना पहुंचने एवं उस पर त्वरित प्रतिक्रिया की प्रक्रिया को समझाया गया।

छात्र-छात्राओं को डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए समझाया गया कि आपात स्थिति में नागरिक किस प्रकार सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही कंट्रोल रूम में उपयोग होने वाली वायरलेस प्रणाली एवं पुलिस संचार व्यवस्था का भी परिचय कराया गया। पुलिसकर्मियों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान, घटनास्थल तक पुलिस सहायता पहुंचाने तथा विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करने में संचार प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।

नवीन कानून एवं साइबर सुरक्षा के प्रति भी किया जागरूक

विद्यार्थियों को देश में लागू नवीन आपराधिक कानूनों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कानून में हुए प्रमुख बदलावों, नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्यों तथा अपराध की स्थिति में पुलिस से संपर्क करने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया।

इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव के संबंध में भी जागरूक किया गया। मोबाइल एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, OTP, UPI PIN, ATM PIN एवं पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने तथा संदिग्ध कॉल अथवा ऑनलाइन लेन-देन के मामले में तत्काल सतर्क रहने की समझाइश दी गई। साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान किया। विद्यार्थियों को नशे एवं असामाजिक गतिविधियों से दूर रहने, यातायात नियमों का पालन करने, कानून का सम्मान करने तथा अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया।

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराने के साथ-साथ उनके मन में पुलिस के प्रति विश्वास, सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना तथा उन्हें जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।

 

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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