मनीष सरवैया वरिष्ठ पत्रकार महासमुंद। महासमुंद जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत बागबाहरा जनपद पंचायत परिसर में आज एसएचजी समूहों, कैडर एवं पदाधिकारियों का विकासखंड स्तरीय उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में बैंक लिंकेज, वित्तीय साक्षरता और विभागीय अभिसरण के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार एवं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में कृषि, मत्स्य, उद्यानिकी, पशु चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास, जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक और चारों क्लस्टर की महिला समितियों के सदस्य शामिल हुए।
बागबाहरा क्षेत्र में महिला समितियों ने स्वरोजगार की दिशा में उल्लेखनीय कदम बढ़ाया है। यहां 139 किराना स्टोर, 35 फैंसी स्टोर, 44 समितियों द्वारा बकरी पालन, 8 समितियों द्वारा गाय पालन, 35 समितियों द्वारा सेंट्रिंग प्लेट तथा 19 समितियों द्वारा टेंट हाउस का संचालन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान 460 महिला समूहों को कुल 1 करोड़ 7 लाख रुपये का वित्तीय संबल प्रदान किया गया। इसमें 21 समूहों को इंटरप्राइज के तहत 21 लाख रुपये, रिवाल्विंग फंड के तहत 34 लाख 8 हजार रुपये, सामुदायिक निवेश कोष के तहत 12 लाख 4 हजार रुपये तथा ग्राम संगठन स्टार्टअप फंड के तहत 24 लाख 85 हजार रुपये की सहायता शामिल है।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष केशव चंद्राकर, उपाध्यक्ष तरुण व्यवहार, जनपद सीईओ एम.एल. मंडावी, एडिशनल सीईओ जी.आर. बरिहा सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं महिला समूहों की सदस्य मौजूद रहीं।
बिहान की पहल से गांव की महिलाएं अब केवल बचत समूह तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कारोबार खड़ा कर रोजगार देने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।










