प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने कुसुम बाई के सपने को दी नई पहचान
धमतरी। कभी बारिश की बूंदें घर की छत से टपकती थीं और मिट्टी की दीवारों में बनी दरारें परिवार की चिंता बढ़ा देती थीं। बरसात की हर रात इस डर के साथ गुजरती थी कि कहीं कमजोर दीवार या छत कोई परेशानी न खड़ी कर दे। आज वही घर एक मजबूत, पक्का और सुरक्षित आशियाना बन चुका है। यह बदलाव है ग्राम पंचायत जी जामगांव, जनपद पंचायत कुरुद की कुसुम बाई के जीवन काकृजहां एक घर ने सिर्फ पता नहीं बदला, बल्कि परिवार के जीवन में भरोसा, सुरक्षा और सम्मान की नई रोशनी भर दी।
तब सपनों पर मजबूरी का पहरा
कुसुम बाई का परिवार लंबे समय तक सीमित आमदनी के बीच जीवन यापन करता रहा। परिवार की आय का मुख्य साधन मजदूरी था। रोज कमाना और उसी से परिवार के भोजन, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरी जरूरतें पूरी करनाकृइसी में पूरी आमदनी खर्च हो जाती थी। पुश्तैनी कच्चे मकान में परिवार किसी तरह गुजर-बसर करता था। मिट्टी की दीवारों में चूहों के बिल, सीलन और बरसात में टपकती छत परेशानी का कारण बनती थी। बारिश के दिनों में घर के भीतर पानी टपकने से सामान बचाना और परिवार को सुरक्षित रखना चुनौती बन जाता था। ऐसे में पक्का मकान बनाना परिवार के लिए लंबे समय से देखा जा रहा सपना था, लेकिन आर्थिक परिस्थितियां उस सपने को हकीकत में बदलने की इजाजत नहीं देती थीं।
फिर योजना बनी उम्मीद की किरण
वर्ष 2025-26 में पात्रता के आधार पर श्रीमती कुसुम बाई का चयन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए हुआ। चयन की जानकारी मिलते ही परिवार के वर्षों पुराने सपने को जैसे पंख मिल गए। जनपद पंचायत द्वारा आयोजित उन्मुखीकरण कार्यक्रम में उन्हें आवास निर्माण की प्रक्रिया, योजना के प्रावधान, सहायता राशि तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण के संबंध में आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन दिया गया। इसके बाद आवास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी और देखते ही देखते वह सपना, जिसे परिवार ने वर्षों तक सिर्फ कल्पना में देखा था, ईंट, गारे और मजबूत दीवारों के साथ आकार लेने लगा।
अब चिंता की जगह चेहरे पर चमक
आज कुसुम बाई अपने परिवार के साथ पक्के और सुरक्षित आवास में रह रही हैं। अब बारिश की बूंदों से घर के भीतर पानी आने का डर नहीं, मिट्टी की कमजोर दीवारों की चिंता नहीं और न ही हर मौसम में आशियाने की सुरक्षा को लेकर बेचौनी।
पक्का घर उनके लिए केवल चार दीवारें और एक छत नहीं है। यह परिवार की सुरक्षा, बच्चों के बेहतर भविष्य, आत्मसम्मान और स्थिर जीवन की मजबूत नींव है। कुसुम बाई के चेहरे की खुशी मानो खुद कहती हैकृ“जिस पक्के घर का सपना कभी दूर लगता था, आज वही मेरा अपना आशियाना है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से अपने जीवन में आए इस बदलाव से खुश कुसुम बाई को जब मालूम हुआ कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है, तो उन्होंने उन्हें अपने नए आशियाने से दिल से जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा- “प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। उन्होंने गरीब परिवारों के लिए पक्का घर देने का सपना पूरा किया है। मैं ईश्वर से कामना करती हूं कि वे इसी तरह गरीबों की सेवा करते रहें और देश की सेवा में निरंतर आगे बढ़ते रहें।”
कुसुम बाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि वह माध्यम है जिसने उनके परिवार को सुरक्षित छत, सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य की उम्मीद दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की यही सबसे बड़ी सफलता है, जब किसी जरूरतमंद परिवार के घर की दीवारें मजबूत होती हैं, तो उसके सपनों की नींव भी मजबूत होती है।









