कक्षा 10वीं में ‘मिशन 90 पार’ और 12वीं में ‘मिशन 95 पार’ का लक्ष्य

जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा की अध्यक्षता में प्राचार्यों की समीक्षा बैठक, परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए दिए निर्देश

धमतरी। जिले में बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से कक्षा 10वीं के लिए ‘मिशन 90 पार’ तथा कक्षा 12वीं के लिए ‘मिशन 95 पार’ की रणनीति तैयार की गई है। इस संबंध में 6 अक्टूबर को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, शंकरदाह में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा की अध्यक्षता में जिले की शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त शालाओं के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में गत वर्ष के बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए श्री नाहटा ने बेहतर परिणाम के लिए मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने, उपचारात्मक कक्षाएं संचालित करने, अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने तथा कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। राज्य के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार 15 नवंबर तक पाठ्यक्रम पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।

जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने बोर्ड परीक्षा 2026 में 60 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाली 29 शासकीय एवं 23 अशासकीय शालाओं के प्राचार्यों से चर्चा कर सुधारात्मक प्रयासों की समीक्षा की। बैठक में जिला पीएलसी समिति द्वारा तैयार प्रश्न बैंक एवं मॉडल उत्तरों का लिखित अभ्यास कराने तथा जिला शिक्षा विभाग के यूट्यूब चैनल और पीएम ई-विद्या के माध्यम से विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग देने पर भी चर्चा हुई।

नियमित समीक्षा और जवाबदेही पर जोर

प्राचार्यों को प्रत्येक 15 दिवस में शाला स्तर पर विषयवार शिक्षकों के साथ तथा प्रत्येक माह विकासखंड स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। बेहतर परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित करने तथा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही गई। लगातार कमजोर परिणाम देने वाले अशासकीय विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में शनिवार को बैगलेस गतिविधियों के अंतर्गत कंप्यूटर एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कक्षाओं के संचालन, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय एवं खेल संसाधनों के नियमित उपयोग पर जोर दिया गया। साथ ही शाला स्तर पर दो कालखंड अध्यापन, यू-डाइस पोर्टल की प्रविष्टियां समयसीमा में पूर्ण करने तथा जन प्रयास पोर्टल पर एनसीसी एवं एनएसएस के विद्यार्थियों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

श्री नाहटा ने कहा कि परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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