ग्रामीण संसाधनों, कृषि गतिविधियों और समस्याओं का किया प्रत्यक्ष अध्ययन, ग्रामीण विकास की आवश्यकताओं को समझने पर दिया जोर
धमतरी। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक एवं कृषि संबंधी परिस्थितियों को समझने और ग्रामीण विकास की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने के उद्देश्य से ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विद्यार्थियों द्वारा गाँव में सहभागितापूर्ण ग्रामीण मूल्यांकन (Participatory Rural Appraisal–PRA) की गतिविधियाँ संपन्न की गईं। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न PRA तकनीकों का उपयोग कर ग्रामीण परिवेश, उपलब्ध संसाधनों, कृषि गतिविधियों तथा किसानों की समस्याओं का अध्ययन किया।
सहभागितापूर्ण ग्रामीण मूल्यांकन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से गाँव की वास्तविक स्थिति, उपलब्ध संसाधनों, स्थानीय आवश्यकताओं और विकास की संभावनाओं को समझा जाता है। इस गतिविधि से विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने तथा ग्रामीण समुदाय के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर मिला।
PRA की प्रमुख तकनीकों से किया ग्रामीण परिवेश का अध्ययन
सामाजिक मानचित्रण: इस तकनीक के अंतर्गत विद्यार्थियों ने गाँव में घरों, विभिन्न सामाजिक समूहों, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र तथा अन्य सामाजिक संस्थाओं की स्थिति को समझते हुए सामाजिक मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया का अध्ययन किया। इससे गाँव की सामाजिक संरचना एवं बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन करने में सहायता मिली।
संसाधन मानचित्रण: इसके माध्यम से खेतों, तालाबों, कुओं, नहरों, जंगलों, चरागाहों, सड़कों तथा अन्य जल एवं प्राकृतिक संसाधनों की स्थिति को चिह्नित किया गया। इस तकनीक से कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध संसाधनों और उनके उपयोग की संभावनाओं को समझने पर जोर दिया गया।
ट्रांसेक्ट वॉक (ग्राम भ्रमण): विद्यार्थियों ने ग्रामीणों के साथ गाँव के विभिन्न क्षेत्रों में पैदल भ्रमण कर मिट्टी की स्थिति, फसलों, सिंचाई सुविधाओं, भूमि उपयोग, खरपतवार तथा कृषि संबंधी समस्याओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस गतिविधि से खेतों की वास्तविक परिस्थितियों को नजदीक से जानने और स्थानीय कृषि चुनौतियों को समझने का अवसर मिला।
मौसमी कैलेंडर: इस तकनीक के अंतर्गत वर्ष के विभिन्न महीनों में फसलों की बुवाई, रोपाई, सिंचाई एवं कटाई, कृषि मजदूरी, पशुओं के चारे, मौसमी बीमारियों और रोजगार की स्थिति का विवरण तैयार करने की प्रक्रिया को समझा गया। इससे कृषि गतिविधियों के मौसमी स्वरूप तथा ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर उनके प्रभाव का आकलन करने में मदद मिली।
व्यावहारिक ज्ञान और ग्रामीण सहभागिता पर जोर
ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन, कृषि व्यवस्था और किसानों की वास्तविक समस्याओं से परिचित कराना है। PRA जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में अवलोकन, संवाद, समस्या विश्लेषण तथा सहभागी ग्रामीण विकास की समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
यह कार्यक्रम डॉ. नवनीत राणा (डीन) के दिशानिर्देश में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. अमीनुद्दीन कुरेशी, डॉ. दीपक ठाकुर, डॉ. भूमिका हथगिया, डॉ. नम्रता कुर्रे, डॉ. हरीश कुमार, डॉ. युवराज सिंह ध्रुव, एम.आर. विनोद कुमार मरकाम, डॉ. गुलाब बर्मन, डॉ. उमेश दास एवं एम.आर. सोनू दिवाकर उपस्थित रहे।









