धमतरी। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत बदलते तकनीकी दौर में युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को व्यापक बनाने और उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप दक्ष बनाने के उद्देश्य से धमतरी जिले में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं डिजिटल कौशल प्रशिक्षण की पहल की गई है। इस पहल के माध्यम से जिले के 100 युवाओं को नई तकनीक सीखने तथा अपनी रोजगार क्षमता बढ़ाने का अवसर मिलेगा। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने एआई अपस्किलिंग कार्यक्रम के तहत पांच विद्यार्थियों को 10-10 हजार रुपये के चेक प्रदान किए और उन्हें तकनीकी दक्षता विकसित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में रोजगार के स्वरूप में तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे में केवल शैक्षणिक डिग्री तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को व्यावहारिक ज्ञान, डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी अपनी दक्षता बढ़ानी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस सहायता राशि का उपयोग अपने कौशल विकास, नई तकनीकों को सीखने और भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने में करें। निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, मेहनत और सही दिशा में प्रयास युवाओं को बेहतर अवसरों तक पहुंचा सकते हैं।
वित्त मंत्री की घोषणा पर जिले में शुरू हुई पहल
उल्लेखनीय है कि विगत 2 अगस्त को आयोजित ‘विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा’ कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने धमतरी जिले के 100 युवाओं को एआई एवं डिजिटल कौशल प्रशिक्षण के लिए प्रति युवा 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की थी। इसी घोषणा के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण से जोड़ने और उनकी तकनीकी क्षमता विकसित करने की दिशा में यह पहल की जा रही है।
प्रशिक्षण के साथ रोजगार एवं प्लेसमेंट पर जोर
कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन और लर्निं जॉय के संयुक्त प्रयास से जिले में एआई प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने के साथ रोजगार एवं प्लेसमेंट के अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपनी रुचि, योग्यता और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए करियर का चयन करें तथा अपने चुने हुए क्षेत्र में निरंतर दक्षता हासिल करें।
एआई और डिजिटल तकनीक का ज्ञान आज शिक्षा, संचार, डेटा विश्लेषण, डिजिटल सेवाओं तथा विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो रहा है। ऐसे में इन क्षेत्रों में कौशल विकसित करने से युवाओं को बदलती कार्यप्रणाली के अनुरूप स्वयं को तैयार करने और रोजगार के नए अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है।
पांच विद्यार्थियों को मिले 10-10 हजार रुपये के चेक
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कुमारी योगिता सिंह, प्रज्ञा साहू, प्रतीक ताम्रकार, मुस्कान साहू और संजय कुमार को 10-10 हजार रुपये के चेक प्रदान किए। इस सहायता राशि से विद्यार्थी एआई एवं डिजिटल कौशल संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी तकनीकी दक्षता को बेहतर बना सकेंगे।
एआई अपस्किलिंग कार्यक्रम जिले के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, कौशल विकास को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें रोजगार के लिए अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में सहायक संचालक कौशल विकास शैलेन्द्र गुप्ता, लर्निं जॉय के अभिषेक कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।










