बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षण नियमों पर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 2023 में जारी 12,489 शिक्षकों की भर्ती के विज्ञापन और उससे जुड़े आरक्षण रोस्टर को निरस्त कर दिया है। यह मामला आरक्षण की निर्धारित सीमा को लेकर उठाई गई कानूनी चुनौती से जुड़ा है।
राज्य सरकार ने 4 मई 2023 को सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता के पदों पर नियुक्ति के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापमं के माध्यम से संचालित की गई थी। इसके लिए 29 नवंबर 2012 की आरक्षण अधिसूचना के आधार पर मॉडल रोस्टर तैयार किया गया था।
भर्ती में लागू आरक्षण व्यवस्था को लेकर याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का रुख किया था। उनका विरोध आरक्षण की कुल सीमा 60 प्रतिशत से अधिक होने के आधार पर था। याचिका में भर्ती के लिए निर्धारित रोस्टर की वैधता पर सवाल उठाए गए थे। अदालत ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए संबंधित रोस्टर को निरस्त कर दिया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि आदेश के कारण भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं मानी जाएगी और पहले से नियुक्त शिक्षकों को तत्काल नौकरी से नहीं हटाया जाएगा। उनकी नियुक्तियों तथा भविष्य की पदोन्नति से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरण के निर्णय का असर रहेगा।
इस मामले में आगे की कार्रवाई आरक्षण व्यवस्था पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप होगी। इससे भर्ती में लागू रोस्टर, पहले से हुई नियुक्तियों और भविष्य की पदोन्नति से संबंधित मुद्दों का निपटारा प्रभावित हो सकता है।










