बारिश में टपकती छत से पक्के आशियाने तक का सफर

रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवारों के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन का आधार बन रही है। योजना के माध्यम से हजारों जरूरतमंद परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत अमोरा की निवासी  क्रांती बाई, पति श्री रामसागर की कहानी भी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है।

कुछ समय पहले तक  क्रांती बाई अपने परिवार के साथ एक जर्जर कच्चे मकान में रहती थीं। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, जिससे परिवार को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण स्वयं पक्का मकान बनवाना उनके लिए संभव नहीं था।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत उनका चयन हुआ। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उन्हें आवास निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली। ग्राम पंचायत अमोरा के जनप्रतिनिधियों एवं तकनीकी अमले के सहयोग से समय-सीमा में आवास निर्माण कार्य पूरा हुआ।

आज  क्रांती बाई का परिवार अपने नए, सुरक्षित और पक्के घर में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रहा है। वे बताती हैं कि पहले बरसात का मौसम चिंता का कारण बन जाता था, लेकिन अब पक्की छत मिलने से परिवार पूरी तरह सुरक्षित महसूस करता है। उनका कहना है कि यह घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि उनके बच्चों के सुरक्षित भविष्य और परिवार के आत्मसम्मान का आधार है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के साथ अन्य योजनाओं के अभिसरण से उनके परिवार को अतिरिक्त सुविधाएं भी प्राप्त हुई हैं। योजना के प्रभाव से गांव में रोजगार के अवसर बढ़े हैं, स्थानीय श्रमिकों को काम मिला है तथा स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है। महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण को भी इस योजना से नई मजबूती मिली है।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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