शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फरसिया के जर्जर और डिस्मेंटल घोषित भवन में पिछले आठ वर्षों से संचालित हो रहा निजी स्कूल

धमतरी।  नगरी विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फरसिया के जर्जर और डिस्मेंटल घोषित भवन में पिछले आठ वर्षों से निजी स्कूल संचालित हो रहा है। स्कूल में 70 से ज्यादा बच्चे पढाई करते हैं, जिनकी जान खतरे में है। अब मामले के संज्ञान में आने के बाद शिक्षा विभाग एक्शन में आया है। जिला शिक्षा अधिकारी  ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो वरिष्ठ प्राचार्यों की जांच टीम गठित कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, संबंधित शासकीय भवन को वर्ष 2016 में डिस्मेंटल (असुरक्षित) घोषित किया जा चुका था। इसके बावजूद वर्ष 2018 से उसी भवन में एक निजी विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि जर्जर भवन में आज भी 70 से अधिक बच्चों की पढ़ाई हो रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, नगरी के प्राचार्य संतोष कुमार प्रजापति और शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नगरी की प्राचार्य श्रीमती मीनाक्षी रामटेके को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दोनों अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फरसिया का स्थल निरीक्षण कर यह स्पष्ट करें कि आखिर किन परिस्थितियों में डिस्मेंटल घोषित सरकारी भवन में निजी स्कूल संचालित हो रहा है। जांच रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सौंपनी होगी।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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