धमतरी। बच्चों के अधिकारों की रक्षा, सुरक्षित पारिवारिक माहौल और उनके समग्र विकास को लेकर धमतरी में ‘समझदार पालक-सशक्त प्रदेश’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के दो दिवसीय धमतरी प्रवास के दौरान 28 जुलाई की शाम रूद्री रोड स्थित होटल में आयोजित कार्यक्रम में करीब 105 लोगों ने सहभागिता की। इनमें 40 अभिभावकों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर बच्चों के प्रभावी पालन-पोषण और उनके व्यक्तित्व विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी हासिल की।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को जागरूक और सशक्त बनाकर बच्चों के लिए सुरक्षित, सकारात्मक एवं संवेदनशील पारिवारिक वातावरण तैयार करना रहा।
विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और व्यक्तित्व विकास में उनकी भूमिका समझाई। साथ ही बेहतर पालन-पोषण, प्रभावी संवाद और बच्चों की भावनाओं को समझने के तरीकों पर चर्चा की गई। अभिभावकों को व्यवहारिक प्रशिक्षण देने के लिए ज्ञानवर्धक और मनोरंजक गतिविधियां भी कराई गईं।
कार्यक्रम में नगरनिगम महापौर रामू रोहरा ने आयोग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ और संस्कारित भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की पहली जिम्मेदारी उनके माता-पिता की है। प्रत्येक पालक और समाज का दायित्व है कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के साथ उनका समुचित संरक्षण, संवेदनशील पालन-पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ स्नेह और विश्वास का वातावरण बनाने की अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों के लिए तो सभी देवकी हैं, लेकिन सड़क जैसी परिस्थितियों में भटक रहे बच्चों के लिए यशोदा बनकर भी समाज के सामने मिसाल कायम करनी होगी।
रायपुर से पहुंचीं मनोवैज्ञानिक डॉ. गार्गी पांडे ने कहा कि माता-पिता का व्यवहार बच्चों के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और मानसिक विकास पर गहरा प्रभाव डालता है। उन्होंने बच्चों के बदलते व्यवहार को समझने, उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने और सकारात्मक व्यक्तित्व निर्माण के लिए उनकी भावनाओं को समझने पर जोर दिया। साथ ही अभिभावकों को व्यवहारिक और उपयोगी सुझाव दिए।
दिव्यांशी शर्मा ने बच्चों के चार प्रमुख अधिकारों तथा राज्य बाल संरक्षण आयोग के कार्यों और शक्तियों की जानकारी देकर पालकों को जागरूक किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी जगरानी एक्का ने भी अभिभावकों से बच्चों के प्रति संवेदनशील और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि सहित करीब 105 लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन यशवंत बैस ने किया तथा महेशराम मरकाम ने आभार व्यक्त किया।









