भारी बारिश से गंगरेल और मॉडमसिल्ली बांध भरा

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले को डैम का शहर कहा जाता है. भारी बारिश की वजह से यहां के गंगरेल और मॉडमसिल्ली जैसे बांध पूरी तरह भर गए हैं. बारिश और कैचमेंट एरिया से पानी की बढ़ती आवक से जिले के कई डैमों में पानी बढ़ गया है. दुधावा और सोंढूर बांधों का भी वाटर लेवल बढ़ रहा है.

गंगरेल में 90 फीसदी से ज्यादा पानी

जिले के सबसे प्रमुख गंगरेल बांध में 91 फीसदी से अधिक जलभराव हो चुका है. करीब 32 टीएमसी क्षमता वाले इस बांध में लगातार 3548 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है. जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो गंगरेल बांध के गेट खोले जाने की स्थिति बन सकती है. इसे देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

जिले का मॉडमसिल्ली बांध लगभग पूरी क्षमता तक पहुंच चुका है. करीब 5.849 टीएमसी क्षमता वाले इस बांध में 98.82 फीसदी जलभराव दर्ज किया गया है. बांध के 100 फीसदी भरने की स्थिति में यहां लगा ऑटोमेटिक साइफन सिस्टम सक्रिय होकर पानी की निकासी शुरू कर देगा.

मॉडमसिल्ली बांध में कुल 34 गेट हैं और यहां का बेबी साइफन सिस्टम शुरू हो चुका है. इस वजह से बांध के जलस्तर और पानी की निकासी पर विशेष नजर रखी जा रही है. मॉडमसिल्ली को एशिया के पहले ऑटोमेटिक साइफन सिस्टम वाले बांध के रूप में भी बताया जाता है.

दुधावा और सोंढूर बांध भी लबालब

जिले के अन्य प्रमुख बांधों में भी लगातार बारिश के चलते पानी की स्थिति मजबूत हुई है. करीब 10.192 टीएमसी क्षमता वाले दुधावा बांध में 82.73 फीसदी जलभराव दर्ज किया गया है. वहीं 6.995 टीएमसी क्षमता वाले सोंढूर बांध में 68.90 फीसदी पानी भर चुका है. लगातार हो रही बारिश के कारण कैचमेंट एरिया से बांधों में पानी की आवक बढ़ रही है. आने वाले समय में बांध का जलस्तर और बढ़ सकता है.

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि भारी बारिश और नदी नालों के बढ़ते जलस्तर को लेकर लोगों से अपील की गई है. लोग बांधों के आसपास जाने से बचें. जिला प्रशासन के निर्देश का पालन करें।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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