धमतरी @ विश्वनाथ गुप्ता। अंचल छेत्र में राजा पुरषोत्तम का राज चल रहा है ब्रांड प्रेमी शराब तो मन पसंद लेते है लेकिन शराब में ,, गोवा वाली मस्ती का लुफ्त उठाया ऐसा महसूस कर रहे ,,बात एक प्रेमी की हो तो समझ आता है लेकिन हर प्रेमी की जुबां पर ,,गोवा वाली जुबान मिले ये हैरत में डालने वाली बात है क्यों की लंबे समय से पीने वाले मदिरा के रंग को देख कर बता देते है की नारंगी है या बेरंगी
मदिरालय में मदिरा की कमी है और ढाबों सहित जिले के अधिकतर बार में भी मिलावट वाली दारू से अब चुके है मदिरा प्रेमी,,,महंगी शराब लेकर भी गोवा की सस्ती टिकट में इंजाय करना पड़ रहा है तो दिक्कत तो होगी ही ,,कई जानकर मदिरा प्रेमी बताते है की बॉटल की सील भी पहले जैसी ,, सेफ नहीं रही बॉटल लीकेज मरती है और शराब की सुगंध में गोवा की हवा
आती है।
राजा पुरषोत्तम के राज में मिलावट ,,सोभा नही देता
जो मदिरालय मैं पीने गया ये सोच कर की शाम सुहानी होगी नाचेगी अंगूर की बेटी ,,,पर
न मिली पसंद की मदिरा तो पता
चला ,,पास के ढाबे में नाच रही है आज अंगूर की बेटी तोड़ा दाम बड़ा कर।








