रायपुर। केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत अब छत्तीसगढ़ के नागरिकों को दोहरी सब्सिडी (डबल सब्सिडी) का लाभ दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार भी अपने स्तर पर वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस फैसले की जानकारी देते हुए पात्र परिवारों से आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करने की अपील की है।
घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया में आमतौर पर शुरुआती निवेश अधिक होता है। इस वजह से कई मध्यम और निम्न वर्ग के परिवार इच्छा होने के बावजूद सोलर सिस्टम स्थापित नहीं करा पाते थे। इसी समस्या का समाधान करते हुए राज्य सरकार ने केंद्रीय सब्सिडी के ऊपर अतिरिक्त राज्य सहायता देने का निर्णय लिया है। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला शुरुआती वित्तीय बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा और लोग आसानी से अपने घरों में ग्रीन एनर्जी का उपयोग कर सकेंगे।
राज्य में सोलर सिस्टम की क्षमता के अनुसार तीन अलग-अलग स्लैब में सब्सिडी की दरें निर्धारित की गई हैं:
- 1 किलोवाट (kW) क्षमता: केंद्र सरकार से ₹30,000 और राज्य सरकार से ₹15,000 मिलेंगे। कुल सब्सिडी ₹45,000 होगी।
- 2 किलोवाट (kW) क्षमता: केंद्र सरकार से ₹60,000 और राज्य सरकार से ₹30,000 दिए जाएंगे। कुल सब्सिडी ₹90,000 होगी।
- 3 किलोवाट (kW) क्षमता: केंद्र सरकार से ₹78,000 और राज्य सरकार से ₹30,000 प्राप्त होंगे। कुल सब्सिडी ₹1,08,000 तक पहुंचेगी।
यह वित्तीय सहायता केवल उन रिहायशी मकानों को मिलेगी जहां सोलर पैनल छत पर लगाए जाएंगे। योजना के तहत स्वीकृत राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से खातों में स्थानांतरित की जाएगी। सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद हर महीने के बिजली बिल में बड़ी कटौती होगी, जिससे लंबे समय में परिवारों को स्थायी आर्थिक बचत का लाभ मिलेगा।








