कुरूद…. ग्राम पंचायत मंदरौद में लगभग 7लाख रुपये की लागत से निर्मित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (कूड़ा घर) आज केवल एक शोपीस बनकर रह गया है। केंद्र में कचरा डालने के बजाय आसपास की सड़कों के किनारे कचरा फेंका जा रहा है। प्लास्टिक और गंदगी का अंबार जगह-जगह फैला है, जिससे राहगीरों को दुर्गंध और अस्वच्छता का सामना करना पड़ रहा है।
सरपंच भीखम लहरे ने कहा — पूर्व सरपंच ने ही साफ-सफाई कराई होगी।” आगे पूछने पर उन्होंने सचिव प्रकाश चंद्राकर का हवाला देते हुए जवाब टाल दिया।
सचिव प्रकाश चंद्राकर ने बताया कि “अभी कुछ ही दिन पहले सेवा पखवाड़ा के दौरान सफाई की गई थी।” हालांकि स्थल निरीक्षण के दौरान यह साफ दिखा कि कूड़ा घर के बाहर कचरा बिखरा हुआ है और स्वच्छता अभियान की सच्चाई सामने आ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच और पंचायत प्रतिनिधि सफाई व्यवस्था को लेकर निष्क्रिय हैं। सड़कों पर फैला कचरा न केवल पर्यावरण को दूषित कर रहा है बल्कि बीमारियों और संक्रमण का खतरा भी बढ़ा रहा है।




