प्रदीप साहू @ नगरी । धमतरी जिले का टायगर रिजर्व क्षेत्र मे बसा वनांचल के खल्लारी ग्राम पंचायत मे शिक्षा व्यवस्था बदहाल है यहा वनाचल के आदिवासी बच्चो के लिये स्कूल तो संचालन किया जा रहा मगर कही स्कूल भवन नही तो कही शिक्षक नही ऐसे मे अब इन बच्चो का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा जहा ग्रामीणो द्वारा भी शासन से शिक्षा व्यवस्था दुरूस्त करने की मांग की जा रही
ग्राम पंचायत खल्लारी का आश्रित ग्राम गाताबहारा के प्राथमिक शाला मे 14 बच्चे अध्ययन करते है जहा पहले एक स्कूल भवन था जो अब जर्जर हो चुका है स्कूल भवन का स्लेप झड रहा भवन के दीवारो मे जगह जगह क्रेक आ गये बारिश के पानी सिपेज के चलते कभी भी भवन भरभरा कर गिर सकता था ग्राम मे एक भी सरकारी भवन नही ऐसे मे ग्रामीण खुद से लकडी का एक झोपड़ी तैयार कर वहा बच्चो को शिक्षा दे रहे ।
वही ग्राम पंचायत खल्लारी के ही चमेदा बुडरा पारा मे स्कूल भवन खंडहर हो गया ऐसे मे ग्रामीण अपने बच्चो के भविष्य को देखते हुए गाव के चौक मे ही एक झोपडी तैय्यार कर स्कूल संचालन कर रहे वही ग्रामीणो का कहना है की वनाचल क्षेत्र होने के चलते यहा कोई ध्यान नही देते न सडक है न पूल है न ही बिजली अब अपने बच्चो को शिक्षा देने ग्रामीण खुद पहल कर स्कूल तैय्यार किये ताकी बच्चो को शिक्षा मिल सके और उनका भविष्य बने।
स्कूल चकाचक, शिक्षक रहते है गायब
खल्लारी के चमेदा स्कूल मे स्कूल भवन तो चकाचक बन गया यहा बच्चे भी खुशी खुशी और उत्साह से पढाई कर रहे मगर यहा एक प्रधान पाठक व एक शिक्षा प्रदाता की नियुक्ती की गई है ऐसे मे रेगुलर प्रधान पाठक स्कूल से गायब रहता है और गाव का युवक का शिक्षा प्रदाता के रंप मे नियुक्ती हुई है जो स्कूल मे बच्चो को शिक्षा दे रहा है जब गाव के शिक्षा प्रदाता से प्रधान पाठक के बारे मे जानकारी लिये तो उन्होने बताया की हेड मास्टर एक सप्ताह से नही आये है बच्चो का अधार कार्ड ले कर गये है अपडेट कराना है करके।
वर्जन
गाताबाहरा और बुडरा पारा की स्कूल जर्जर है वहा अस्थाई रूप से ग्रामीणो की मदद से स्कूल संचालन किया जा रहा नये स्कूल का प्रस्ताव शासन को भेजे है स्वीकृति मिलते ही नया भवन बनेगा।
ब्लाक शिक्षा अधिकारी के आर साहू…..




