बिहान से व्यवसाय तक: सेंट्रिंग प्लेट के माध्यम से जामुन साहू बनीं आत्मनिर्भर

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धमतरी…. छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की सशक्त मिसाल बन रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को संगठित कर रही है, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भर भी बना रही है। इसी का प्रेरक उदाहरण हैं धमतरी जिले के ग्राम पंचायत लिमतरा की जय शिव शक्ति स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती जामुन साहू, जिन्होंने सेंट्रिंग प्लेट के व्यवसाय को अपनाकर आर्थिक सशक्तिकरण की नई कहानी लिखी है।
जामुन साहू बिहान योजना से जुड़कर स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य बनीं। वे आंचल महिला संकुल स्तरीय संगठन (CLF) सम्बलपुर से भी जुड़ी रहीं और समूह के माध्यम से रिसोर्स बुक कीपर के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्हें आजीविका के नए अवसरों को समझने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। निरंतर सीखने की जिज्ञासा और कुछ नया करने के संकल्प ने उन्हें सेंट्रिंग प्लेट के व्यवसाय की ओर अग्रसर किया।
जामुन साहू ने समूह के सहयोग से 10 हजार रुपये का बैंक ऋण तथा 60 हजार रुपये का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF) ऋण प्राप्त कर लगभग 3 हजार वर्गफीट सेंट्रिंग प्लेट खरीदी। वे इन सेंट्रिंग प्लेटों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे पक्के मकानों के निर्माण हेतु किराये पर उपलब्ध कराती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकानों की संख्या बढ़ने से सेंट्रिंग प्लेट की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा लाभ उनके व्यवसाय को मिल रहा है।
आज स्थिति यह है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में बन रहे आवासों के लिए उन्हें पहले से एडवांस बुकिंग मिलने लगी है। इससे श्रीमती साहू को वर्षभर में औसतन लगभग डेढ़ लाख रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी हो रही है। इस आय से उन्होंने समय पर बैंक ऋण का भुगतान कर दिया है और परिवार की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ बनाया है। साथ ही यह व्यवसाय स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रहा है।
प्रदेश में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।  जामुन साहू बताती हैं कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि भी मिल रही है, जिससे वे घरेलू आवश्यकताओं और छोटे खर्चों का प्रबंधन सहजता से कर पा रही हैं।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस सफलता पर कहा कि बिहान योजना के माध्यम से महिलाओं में उद्यमशीलता की भावना विकसित हो रही है। जामुन साहू जैसी महिलाएं यह सिद्ध कर रही हैं कि सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और आत्मविश्वास से ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। जिला प्रशासन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु हरसंभव सहयोग करता रहेगा।
जामुन साहू न केवल अपने परिवार के लिए संबल बनी हैं, बल्कि आसपास की अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत भी बन गई हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर महिलाएं आत्मनिर्भरता और समृद्धि की नई राह बना सकती हैं।

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