महासमुंद @ मनीष सरवैया । महासमुंद जिले में खरीफ फसल की तैयारी के बीच किसान KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) बनवाने में जूझ रहे हैं। किसान संघर्ष समिति के संयोजक एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अंकित बागबाहरा ने बताया कि केसीसी के लिए 1 अप्रैल से शुरू हो चुकी तैयारियों के बावजूद 17 अप्रैल तक P-11 फॉर्म में फसल का प्रकार ‘शून्य/अप्राप्त’ आ रहा है, जिससे छोटे-मझोले किसान सबसे ज्यादा प्रभावित।
अंकित बागबाहरा ने बताया कि पटवारियों का कहना है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) की ऑनलाइन रिपोर्ट अपडेट न होने से P-II में समस्या हो रही है, और इसे मैनुअल सुधारना संभव नहीं। NIC रायपुर ने इसे दिल्ली NIC की गड़बड़ी बताया।
साथ ही, सहकारी समितियों में सॉफ्टवेयर अपडेट के नाम पर खाद वितरण बंद कर दिया गया है। बाजार में यूरिया खाद 264 रुपये से चढ़कर 600-800 रुपये प्रति बोरी बिक रही है। डिजिटल सर्वे में सिंचित भूमि को असिंचित दिखाया जा रहा है। दूसरी ओर, पूर्व भूपेश बघेल सरकार द्वारा स्वीकृत नई समितियों का लोकार्पण हो रहा है, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ा है ।किसान संघर्ष समिति के संयोजक अंकित बागबाहरा सहित
किसानों ने मांग की है कि P-II में तत्काल सुधार कर फसल विवरण जोड़ें। खाद वितरण बहाल करें। खाद के दाम नियंत्रित करें। डिजिटल सर्वे में सिंचाई सुधारें। बिना KCC के खेत जोतना, खाद-दवाई लेना मुश्किल हो गया है। जिसके कारण प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है ।


