रायपुर। राज्य के सिंचाई जलाशयों में जलभराव की स्थिति पिछले दो वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है। जल संसाधन विभाग की 24 जून 2026 की टैंक गेज रिपोर्ट के अनुसार राज्य के प्रमुख और मध्यम जलाशयों में कुल 51.12 प्रतिशत जलभराव है, जबकि इसी अवधि में वर्ष 2025 में जल भराव 25.92 प्रतिशत और वर्ष 2024 में 30.50 प्रतिशत था।
राज्य के 12 प्रमुख जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 5355.709 मिलियन घनमीटर है, जिसमें वर्तमान में 2873.617 मिलियन घनमीटर पानी उपलब्ध है। इससे प्रमुख जलाशयों में जलभराव 53.66 प्रतिशत हो गया है, जबकि 24 जून 2025 को यह 30.67 प्रतिशत और 24 जून 2024 को 25.70 प्रतिशत था।
इसी प्रकार 34 मध्यम जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 1004.519 मिलियन घनमीटर है। इनमें वर्तमान में 377.769 मिलियन घनमीटर पानी संग्रहित है, जो कुल क्षमता का 37.61 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी दिन यह 29.57 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 में 27.08 प्रतिशत था।
राज्य के कई महत्वपूर्ण जलाशयों में भी जलभराव संतोषजनक स्तर पर पहुंच गया है। मुरुमसिल्ली जलाशय में 78.69 प्रतिशत, दूधावा में 74.22 प्रतिशत, मनियारी में 74.34 प्रतिशत, सोंडूर में 64.89 प्रतिशत, खरंग में 62.89 प्रतिशत तथा मिनीमाता बांगो जलाशय में 55.51 प्रतिशत क्षमता तक पानी है। मानसून के आगे बढ़ने के साथ जलाशयों में जलभराव में और वृद्धि होने की संभावना है।










