रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के राज्य के सबसे बड़े सरकारी से बड़ी लापरवाही सामने आई है। गंभीर हालत में अपनी मां को लेकर पहुंचे एक बेटे को अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती करने से इनकार कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, मरीज को एम्स रायपुर से ऑक्सीजन सपोर्ट पर एम्बुलेंस के जरिए अंबेडकर अस्पताल रेफर किया गया था। बावजूद इसके, अस्पताल प्रबंधन ने यह कहते हुए मरीज को भर्ती नहीं किया कि पहले पर्ची बनानी होगी।
परिजनों का आरोप है कि अंबेडकर अस्पताल में सुबह 9 बजे से पहले पर्ची नहीं कटती, जिसके चलते गंभीर मरीज को अस्पताल के बाहर एम्बुलेंस में ही इंतजार करना पड़ा। मरीज की हालत नाजुक होने के बावजूद तत्काल इलाज और भर्ती की व्यवस्था नहीं की गई। मामला सामने आने के बाद अब महिला का इलाज़ किया गया है ।
इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर एम्स गंभीर मरीजों को अंबेडकर अस्पताल रेफर कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अंबेडकर अस्पताल में जरूरी प्रक्रिया का हवाला देकर भर्ती से इनकार किया जा रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।








