धमतरी @ विश्वनाथ गुप्ता। धमतरी में आए दिन यातायात व्यवस्था बाधित नजर आती है और दुर्घटना का भय बना रहता है सड़के वैसे ही दमदार पोजिशन में है जिन पर पैदल चलना भी दूर भर है।
गोलबाजार सहित शहर के विभिन्न मार्गो पर यातायात व्यवस्था दुर्गम होती जा रही ,, व्यवस्था के नाम पर कोई खड़ा दिख जाए वही बहुत है आधे से जायदा छेत्र बाई छेत्र सिर्फ टार्गेट पूरा करते नजर आते है पता नही कितना टारगेट मिला है जो दिन भर भिड़े रहने के बाद भी पूरा नहीं होता ,,, और सबसे अजीब बात ये है की कार चलाने वालो ने शराब पीना ही छोड़ दिया लगता है ,, उन पर महीनो में एकाद चालान दिख जाए तो बहुत है ,,सिर्फ आटो चालकों और बाईक चालको पर ही कार्यवाइ दिख रही ,,बाकी लोगो राहत किस प्रकार मिल रही ये सोचनीय विषय है ,, हाईवा ,, ट्रक चालक बिल्कुल सुधर गए लगता है जबकि रोज ट्रैक्टर नागिन डांस करते दिख जायेंगे ,,जिनका शहरी प्रवेश में समय बंधन होना बहुत जरूरी है।
यातायात व्यवस्था चालान से नही सही चलन से सुधरेगी अगर शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले जायदा मात्रा में चाहिए तो जितनी शराब दुकानें है वही पर प्वाइंट बनाकर ,धर पकड़ करे ट्रैफिक विभाग ,,क्यों घूम घूम का सरकारी ईंधन बर्बाद कर रहे और सब बराबर कार्यवाई करे समय और ईंधन दोनो की बचत होगी।
विशेष ,, यातायात व्यवस्था में भी बदलाव की आवश्यकता कई नामचीन जवान लाइन में उन्हे मिले मौका…









