छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला, सुप्रीम कोर्ट से चैतन्य बघेल को मिली राहत, जमानत रद्द करने की याचिका खारिज

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कथित शराब घोटाले के मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को मिली जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने जांच एजेंसी के खिलाफ हाईकोर्ट की प्रतिकूल टिप्पणियों को अनावश्यक बताते हुए उन्हें खारिज कर दिया।

यह मामला कथित तौर पर 2,161 करोड़ रुपए के शराब घोटाले से जुड़ा है। बुधवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले में सुनवाई की। बेंच ने कहा कि इस मामले से जुड़े कानूनी मुद्दे कोर्ट के सामने अभी भी खुले रहेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के आदेशों को रद्द करने के बारे में जरूरी कानूनी सवाल भी उठाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि क्या सिर्फ इसलिए जमानत के आदेश रद्द कर दिए जाने चाहिए, क्योंकि उनमें पर्याप्त कारण नहीं बताए गए हैं। बेंच ने आपराधिक मुकदमों को पूरा करने पर ध्यान देने के बजाय जमानत के आदेशों को चुनौती देने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई।

 

बघेल की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने जमानत रद्द करने की बढ़ती कार्यवाही का जिक्र करते हुए इस बात से सहमति जताई। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने भी माना कि कानूनी रूप से गलत जमानत आदेश जरूरी नहीं कि किसी आरोपी की आजादी को रद्द करने को सही ठहराए। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने की याचिका खारिज करने का फैसला किया।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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