धमतरी @ विश्वनाथ गुप्ता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “दिमागी नक्सल” जैसे गंभीर विषय को अपने भाषण मे लिया जिसका कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी पर भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल महामंत्री गौरव मगर ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
गौरव मगर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के सामने एक गंभीर वैचारिक चुनौती की ओर ध्यान आकर्षित किया है। नक्सलवाद केवल हथियारों के माध्यम से नहीं, बल्कि हिंसा, अराजकता, राष्ट्रविरोधी सोच और समाज में भ्रम फैलाने वाली विचारधारा के माध्यम से भी नुकसान पहुंचाता है। ऐसे विषय पर गंभीर चर्चा करने के बजाय कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम द्वारा यह बयान देना की मै दिमागी नक्सली हूं और इस पर मुझे गर्व हैँ| ये जब देश क़े गृहमंत्री थे तब छत्तीसगढ़ कांग्रेस क़े सभी शीर्ष नेताओ की हत्या नक्सली हमले मे हुई थी|अब उनका अपने आप को नक्सली बताना हमले पर प्रश्न खड़ा करता हैँ |
अरविन्द केजरीवाल ने खुद को नक्सली बताया और भगत सिंह जी जैसे देशभक्त को इस विषय से जोड़ दिया|
महबूबा मुफ़्ती का यह राजनीतिक बयानबाजी करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
गौरव मगर ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे हिंसा और अराजकता फैलाने वाली किसी भी विचारधारा के खिलाफ स्पष्ट रूप से खड़े हैं या नहीं। लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद का अधिकार सभी को है, लेकिन राष्ट्र की एकता और अखंडता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि देश का युवा राष्ट्रहित, संविधान, लोकतंत्र और विकास की सकारात्मक विचारधारा से जुड़े तथा सोशल मीडिया एवं सार्वजनिक जीवन में फैलाए जा रहे भ्रम और उकसावे से सावधान रहे।









