धमतरी से देशभर तक बनेगा रोजगार का सेतु

रायपुर। छत्तीगसढ के धमतरी जिले के युवाओं को रोजगार एवं आजीविका के बेहतर और सुरक्षित अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिले के युवाओं, तकनीकी रूप से प्रशिक्षित अभ्यर्थियों तथा अर्धकुशल श्रमिकों को सम्मानजनक और कौशल आधारित रोजगार दिलाने के लिए आज जिला प्रशासन और आमधाने प्राइवेट लिमिटेड के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

​इस अवसर पर कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन युवाओं को स्थानीय व राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह एमओयू धमतरी के युवाओं के लिए देशभर में रोजगार का एक मजबूत सेतु साबित होगा।

​इन क्षेत्रों में मिलेंगे रोजगार के बड़े अवसर

​इस समझौते के तहत जिले के बेरोजगार युवाओं, आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों, डिप्लोमा धारकों के साथ-साथ ब्लू-कॉलर और ग्रे-कॉलर श्रमिकों को देश के विभिन्न राज्यों में रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। मुख्य रूप से लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, ​मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण),​ निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर,​रिटेल एवं ई-कॉमर्स, ​ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग) सेक्टर्स में संभावनाओं का विस्तार किया जाएगा।

प्रशासन और कंपनी मिलकर करेंगे काम​

​इस पहल को धरातल पर उतारने के लिए दोनों पक्षों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। ​जिला प्रशासन द्वारा रोजगार शिविरों, काउंसलिंग सत्रों और जॉब ड्राइव के लिए प्रशासनिक सहयोग व स्थल उपलब्ध कराया जाएगा। जिला रोजगार कार्यालय, आईटीआई, डिप्लोमा कॉलेजों और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से युवाओं को जोड़ा जाएगा। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक जानकारी पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसी तरह ​आमधाने प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा पंजीयन शिविरों का आयोजन, अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग व कौशल आधारित चयन किया जाएगा। इसके साथ ही चयनित युवाओं को काम पर भेजने से पहले प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन (आवश्यक मार्गदर्शन) दिया जाएगा।

​पूरी तरह नि:शुल्क और सुरक्षित होगी प्रक्रिया, सुरक्षित और पारदर्शी रोजगार

यह समझौता पूरी तरह से गैर-व्यावसायिक आधार पर किया गया है। रोजगार प्रक्रिया के किसी भी चरण में अभ्यर्थियों से कोई शुल्क या कमीशन नहीं लिया जाएगा। जिला प्रशासन और कंपनी के बीच भी कोई वित्तीय लेन-देन नहीं होगा। कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि सभी नियुक्तियां वैध, सुरक्षित और श्रम कानूनों के दायरे में हों। साथ ही, युवाओं की सुविधा के लिए पोस्ट-प्लेसमेंट सहायता और शिकायत निवारण तंत्र भी बनाया जाएगा।

​एक वर्ष की होगी अवधि

​फिलहाल इस एमओयू की अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है, जिसे दोनों पक्षों की आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इस साझेदारी से जिले में रोजगारोन्मुखी माहौल तैयार होगा और युवाओं के जीवन स्तर में बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

Leave a Comment