ऑयल पाम की खेती से बदली किसानों की तकदीर

गरियाबंद…. छुरा विकासखंड के ग्राम कसहीबाहरा (बेहरामाड़ा) निवासी  रामबरन वर्मा ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम योजना के माध्यम से खेती, किसानी में नई पहल की है। उन्होंने वर्ष 2025-26 में नेचर कृषि फार्म समूह का गठन कर ऑयल पाम की आधुनिक खेती अपनाई। श्री वर्मा के पास लगभग 20 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। वे पहले धान के साथ अन्य फसलें उगाई जाती थीं। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से ऑयल पाम योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बोर खनन, फेंसिंग, ड्रिप सिंचाई तथा रख-रखाव अनुदान जैसी सुविधाओं का लाभ उठाया। उन्होंने ड्रिप सिंचाई तकनीक के साथ ऑयल पाम का रोपण किया और अंतरवर्ती फसलों के रूप में आम, शहतूत एवं सब्जियों की खेती शुरू की। इससे भूमि का बेहतर उपयोग हुआ साथ ही उन्हें अधिक मुनाफा होने लगा।
वर्तमान में उनके द्वारा समूह बनाकर लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में ऑयल पाम का रोपण किया जा चुका है। इसे देखते हुए आसपास के किसान भी प्रेरित होकर राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम योजना का लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियेां ने बताया कि आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। समूह के माध्यम से लगाए गए ऑयल पाम के रोपण जिले के किसानों के लिए मिसाल बन गई है।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

Leave a Comment