भूमिहीन मजदूर परिवार को मिला सम्मान और सुरक्षा का भरोसा, घुरउ डहरिया के जीवन में आई नई उम्मीद

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से हर वर्ष मिल रही 10 हजार रुपये की सहायता

कवर्धा…. कवर्धा जिले के ग्राम चीमरा निवासी घुरउ डहरिया वर्षों से मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। स्वयं की कृषि भूमि नहीं होने के कारण उनका परिवार पूरी तरह दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। सीमित आय में परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ शासन की दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत श्री घुरउ डहरिया को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। यह राशि उनके परिवार के लिए कठिन समय में एक मजबूत सहारा साबित हुई है।  घुरउ डहरिया बताते हैं कि पहले उन्हें लगता था कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल जमीन वाले किसानों को ही मिलता है। लेकिन इस योजना का लाभ मिलने के बाद उनका यह भ्रम दूर हो गया। अब उन्हें विश्वास है कि शासन समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति की चिंता कर रहा है। वे कहते हैं कि हमारे पास अपनी जमीन नहीं है, इसलिए लगता था कि हमें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन हर साल मिलने वाली सहायता राशि से घर के जरूरी खर्च पूरे करने में काफी राहत मिलती है। इससे यह भरोसा और मजबूत हुआ है कि सरकार हम जैसे भूमिहीन मजदूर परिवारों के साथ खड़ी है।
घुरउ डहरिया योजना से प्राप्त राशि का उपयोग परिवार की दैनिक आवश्यकताओं, घरेलू खर्च और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। इससे उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। उनकी पत्नी श्रीमती शामबाई डहरिया को भी विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा अधिक सुदृढ़ हुई है।   घुरउ डहरिया मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भूमिहीन मजदूर परिवारों के सम्मान, आत्मविश्वास और सुरक्षित भविष्य का आधार है।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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