ड्रोन सर्वे से तैयार मसौदा मानचित्र एवं संपत्ति विवरण ग्राम पंचायतों को उपलब्ध, 15 दिनों तक आमंत्रित किए जाएंगे दावे-आपत्तियां
धमतरी। स्वामित्व योजना के अंतर्गत धमतरी जिले में ग्रामीण आबादी भूमि के स्वामित्व निर्धारण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। जिले के 501 राजस्व ग्रामों में ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से किए जा रहे कार्य के तहत कार्यान्वयन एजेंसी सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा 62 ग्रामों में अधिकार अभिलेख का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है।
इन 62 ग्रामों में धमतरी, भखारा, कुकरेल, कुरूद, नगरी, बेलरगांव तथा मगरलोड क्षेत्र के चयनित गांव शामिल हैं। इन ग्रामों की कुल 219 शीटों के मसौदा मानचित्र (मैप-2) तथा संपत्ति धारकों का विवरण तैयार कर संबंधित ग्राम पंचायतों को उपलब्ध करा दिया गया है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रारंभिक प्रकाशन परिशिष्ट-7 के प्रावधानों के अनुरूप विधिवत किया जाए तथा ग्राम कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर अधिक से अधिक हितग्राहियों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मैप-1 में दर्ज विसंगतियों का मैप-2 से सावधानीपूर्वक मिलान किया जाए तथा हल्का पटवारी द्वारा तैयार संपत्ति विवरण और सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त आंकड़ों का आपसी सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
प्रारंभिक प्रकाशन की तिथि से 15 दिवस की अवधि तक संबंधित हितग्राही अपने दावे एवं आपत्तियां प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। निर्धारित अवधि में प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निराकरण किया जाएगा। यदि तय अवधि में कोई दावा या आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो अंतिम अधिकार अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि अंतिम अधिकार अभिलेख तैयार करते समय तहसीलदार न्यायालय में लंबित प्रकरणों की सूची परिशिष्ट-9 के अनुसार संलग्न करना सुनिश्चित करें, जिससे अभिलेखों की पारदर्शिता एवं शुद्धता बनी रहे। उन्होंने अधिकारियों से स्वामित्व योजना के सभी चरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।









