बाल विवाह में सहयोग करने वालों पर भी होगी कानूनी कार्रवाई, दो साल तक की सजा का प्रावधान
धमतरी। बाल विवाह की रोकथाम और इसके प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार को जनपद पंचायत धमतरी एवं मगरलोड के सभा कक्ष में प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बाल विवाह रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर अविनाश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा के निर्देशन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महेश मरकाम के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में ग्राम पंचायत सचिवों, महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों, बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों तथा शिक्षा विभाग के प्राचार्यों एवं शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।
बाल विवाह में सहयोग करने वाले भी होंगे जिम्मेदार
कार्यशाला में बताया गया कि बाल विवाह कराना कानूनन अपराध है। बाल विवाह में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें विवाह कराने वाले पुरोहित, टेंट संचालक, भोजन बनाने वाले, बारात के लिए वाहन उपलब्ध कराने वाले, विवाह कार्ड छापने वाले, बैंड-बाजा संचालक तथा अन्य सहयोगी भी शामिल हो सकते हैं।
बाल विवाह की सूचना मिलने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी संबंधित बालिका की जन्मतिथि एवं आयु का सत्यापन कर नियमानुसार जांच करेंगे। जांच के बाद आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अधिनियम के तहत दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्तियों को दो वर्ष तक के कारावास, एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जा सकता है।
सूचना मिलते ही करें सूचित
कार्यशाला में कहा गया कि किसी भी परिवार में नाबालिग बालिका का विवाह नहीं होना चाहिए। बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। इसके लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर **112 या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098** पर सूचना दी जा सकती है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह के प्रति जागरूकता फैलाने तथा ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सतर्क रहने की अपील की गई।
ये रहे उपस्थित
कार्यशाला में धमतरी से बाल संरक्षण अधिकारी आनंद पाठक, गैर संस्थागत संरक्षण अधिकारी यशवंत बैंस, मगरलोड से विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी प्रमोद अमृत, चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक नीलम साहू, परियोजना अधिकारी सुमीत गंडेचा, चाइल्ड हेल्पलाइन के अनुराग खलखो सहित गणेश कुमार सेन, गिरधारी लाल साहू, तुलेश्वर कुमार साहू, लीलेश्वर ध्रुव एवं संदीप पांडे उपस्थित रहे।









