महतारी वंदन की बचत से दीपिका ने शुरू किया सिलाई का काम, घर बैठे हो रही अतिरिक्त आमदनी से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्च में कर रहीं सहयोग

रायपुर। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम केवरी की दीपिका दास ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि को बचाकर अपने हुनर को आजीविका का साधन बनाया है। उन्होंने इसी बचत से सिलाई का काम शुरू किया। अब गांव की महिलाओं के कपड़े सिलकर वे हर महीने अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में हाथ बंटा रही हैं।

दीपिका बताती हैं कि पहले सीमित संसाधनों के कारण घर की जरूरतें पूरी करने और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में परेशानी होती थी। वे भी परिवार की आय बढ़ाने के लिए कुछ करना चाहती थीं। महतारी वंदन योजना से नियमित सहायता मिलने पर उन्होंने राशि का कुछ हिस्सा बचाना शुरू किया और सिलाई का काम शुरू करने का निर्णय लिया।

अब वे घर से ही गांव की महिलाओं के कपड़े सिलती हैं। घर पर काम करने से उन्हें घरेलू जिम्मेदारियों के साथ रोजगार करने की सुविधा मिली है। सिलाई से होने वाली कमाई से बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में सहयोग मिलता है। इस काम ने उन्हें अपनी मेहनत से आय अर्जित करने का अवसर दिया है।

अपनी खुशी साझा करते हुए दीपिका ने कहा, “पहले मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। महतारी वंदन योजना की राशि जोड़कर मैंने सिलाई का काम शुरू किया। अब घर बैठे गांव की महिलाओं के कपड़े सिलती हूं। इससे बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में मदद मिलती है।” उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि “विष्णु भैया” की पहल से उन्हें रोजगार शुरू करने का संबल मिला है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ अपने जीवन और परिवार के लिए निर्णय लेने का भरोसा दे रही है। योजना से मिली राशि का उपयोग महिलाएं घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और छोटे स्वरोजगार में कर रही हैं।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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