शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मंजूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य मंत्रिपरिषद ने शासकीय सेवकों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत पात्र सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। इससे इलाज के दौरान पहले अपनी जेब से चिकित्सा खर्च उठाने और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी कम होगी।

मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत नई व्यवस्था के अनुसार, पात्र शासकीय सेवक सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित नियमों के तहत कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकेंगे। वर्तमान चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में कई बार कर्मचारियों को इलाज का खर्च पहले स्वयं उठाना पड़ता है। इसके बाद चिकित्सा बिल, दस्तावेज और अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र जमा कर प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन करना होता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को आसान बनाना है। इससे कर्मचारियों को इलाज के समय बड़ी राशि का इंतजाम करने की परेशानी से राहत मिलेगी। हालांकि, कैशलेस सुविधा का लाभ योजना की निर्धारित शर्तों, पात्रता और उपचार संबंधी नियमों के अनुसार ही मिलेगा।
कर्मचारियों के साथ आश्रितों को भी मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस सुविधा में केवल शासकीय सेवकों को ही नहीं, बल्कि उनके पात्र आश्रित परिवारजनों को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। योजना के अंतर्गत पात्रता रखने वाले परिवार के सदस्य भी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकेंगे। गंभीर बीमारी की स्थिति में किसी परिवार को अचानक बड़ी राशि की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था से उपचार शुरू कराने में आर्थिक बाधाएं कम होने की उम्मीद है। आश्रित परिवारजनों की पात्रता और सुविधा की विस्तृत शर्तें योजना के क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होंगी।
Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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