धमतरी। देशभर में दीपावली का पर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा, लेकिन अपने अनोखे दस्तूर के चलते धमतरी जिले के सेमरा गांव के लोग मंगलवार 2 नवंबर को ही दिवाली मनाई। हफ्तेभर पहले ही त्यौहार मनाने की सदियों पुरानी परंपरा को मौजूदा पीढ़ी भी आगे बढ़ा रही है। चाहे दिवाली का त्याेहार हो या फिर दशहरा। बताया जाता है कि इस परंपरा को तोड़ने की जूर्रत करने पर गांव में कोई ना कोई अनहोनी होती है इसलिए यहां हर त्योहार को हफ्तेभर पहले मनाया जाता है। अनोखी प्रथा इस गांव की पहचान बन चुकी है, जिसे देखने हर मौके पर लोग दूर-दूर से आते हैं।
वक्त जरूर बदला लेकिन धमतरी से करीब 22 किमी दूर सेमरा गांव का दस्तूर आज भी कायम है। मंगलवार को सेमरा में दिवाली का पर्व मनाया गया। गांव के हर घर दियों की रोशनी जगमगाती रही। यहां हर त्योहार हफ्तेभर पहले मनाने की परंपरा है। इस दस्तूर के अतीत में एक दास्तां छिपी है। सदियों पहले गांव के देवता सिदार ने सपने में कहा था कि हर त्यौहार मनाने के पहले उन्हें हूमधूप देना जरूरी है, जिसके चलते आज भी गांव के लोग अपने देवता को खुश करने हर त्यौहार हफ्तेभर पहले मनाते आ रहे हैं, जो अब एक परंपरा बन गई है।
भले ही आज के जमाने के लोग इस पर यकिन ना करे, लेकिन बताया जाता है कि हफ्तेभर पहले त्योहार मनाने की परंपरा नहीं निभाने से उनके उपर आफत आ सकती है। सदियों से चली आ रही इस परंपरा को युवा वर्ग भी आस्था से जोड़कर देखता है और इसे आगे संजोए रखने का यकीन दिलाता है। उनकी माने तो इसी दस्तूर के बहाने उन्हें अपने रिश्तेदारों से मिलने और मेहमाननवाजी का मौका मिल जाता है।








