NDPS एवं SAFEMA पर विशेष कार्यशाला का आयोजन, सभी थानों के विवेचक लाभान्वित

धमतरी। पुलिस अधीक्षक धमतरी के रूप में कार्यकाल के आखिरी दिन आज रविवार को श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में पुलिस लाइन धमतरी स्थित पुलिस कंपोजिट बिल्डिंग में एनडीपीएस एक्ट, 1985 एवं सफेमा एक्ट, 1976 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध विधिसम्मत, वैज्ञानिक एवं परिणाममुखी कार्यवाही सुनिश्चित करना तथा अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों पर प्रभावी आर्थिक प्रहार की रणनीति को सशक्त बनाना था।

कार्यशाला में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी, विवेचना अधिकारी तथा संबंधित पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक  सूरज सिंह परिहार, सीएसपी  अभिषेक चतुर्वेदी, निरीक्षक  चन्द्रकांत साहू एवं डीपीओ  अजय सिंह द्वारा एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीयन, तलाशी एवं जब्ती की वैधानिक प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, अभियोजन की तैयारी तथा न्यायालय में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों एवं उनके प्रभावी निराकरण पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला में सफेमा एक्ट, 1976 के अंतर्गत मादक पदार्थों की तस्करी एवं संगठित अपराधों से अर्जित अवैध चल एवं अचल संपत्तियों की पहचान, दस्तावेजी साक्ष्यों का संकलन, संपत्ति जब्ती एवं कुर्की की विधिक प्रक्रिया तथा विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से प्रभावी आर्थिक कार्यवाही के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि अपराधियों की आर्थिक शक्ति को समाप्त करना अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक धमतरी  सूरज सिंह परिहार ने कहा कि -“मादक पदार्थों का अवैध कारोबार समाज और विशेषकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्रवाई आवश्यक है। प्रत्येक अधिकारी एनडीपीएस एवं सफेमा अधिनियम के प्रावधानों का गहन अध्ययन कर वैज्ञानिक, निष्पक्ष एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना सुनिश्चित करें, जिससे दोषसिद्धि की दर बढ़े और अपराधियों में कानून का प्रभावी भय स्थापित हो।”

कार्यशाला के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विषय विशेषज्ञों के साथ विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा कर समाधान प्राप्त किए तथा भविष्य में इन अधिनियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि धमतरी पुलिस नशे के अवैध कारोबार, संगठित अपराध एवं अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध निरंतर कठोर, प्रभावी एवं विधिसम्मत कार्यवाही करते हुए जिले में सुरक्षित, अपराधमुक्त एवं नशामुक्त वातावरण स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।

उल्लेखनीय है कि धमतरी पुलिस द्वारा इस साल पहली बार एनडीपीएस प्रकरणों में अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध सफेमा अधिनियम के तहत प्रभावी कार्यवाही करते हुए करण धुरी, उषा धुरी एवं आरती रजक की अवैध संपत्तियों पर विधिसम्मत कार्यवाही की जा चुकी है। यह कार्रवाई अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने एवं मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में धमतरी पुलिस की दृढ़ प्रतिबद्धता का परिचायक है।

कार्यशाला में सीएसपी धमतरी श्री अभिषेक चतुर्वेदी, डीएसपी मोनिका मरावी, डीएसपी सुश्री मीना साहू, एसडीओपी नगरी श्री विपिन रंगारी, डीपीओ श्री अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक श्री दीपक शर्मा, जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी तथा विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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