बाल संप्रेषण गृह से 8 बच्चे फरार 

मनीष सरवैया @ महासमुंद। महासमुंद जिले के शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह से एक साथ 8 अपचारी बालकों के फरार होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 2 और 3 अगस्त की दरमियानी रात सभी अपचारी खिड़की की लोहे की रॉड निकालकर परिसर से भाग निकले।
घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब संप्रेक्षण गृह में कुल 27 अपचारी बालक मौजूद थे और रात्रि ड्यूटी पर दो कर्मचारी तैनात थे, तब आखिर 8 बालक एक साथ सुरक्षा घेरा तोड़कर कैसे फरार हो गए? क्या यह महज़ लापरवाही है या सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है?
जानकारी के अनुसार, फरार हुए अपचारी आबकारी अधिनियम, बलात्कार, चोरी और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर मामलों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनकी उम्र करीब 14 से 17 वर्ष के बीच है। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और साइबर सेल सक्रिय हो गई। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और फरार अपचारियों की तलाश तेज कर दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कि इससे पहले भी यहां से अपचारी बालकों के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के ठोस इंतजाम नहीं किए गए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया? आखिर सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक का जिम्मेदार कौन है? क्या रात्रि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी या यह मामला भी जांच तक ही सीमित रह जाएगा?
फिलहाल पुलिस फरार अपचारियों की तलाश में जुटी हुई है। मामले की जांच जारी है ।

 

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

Leave a Comment