डिजिटल सुशासन की पहल से सरकारी सेवाएं बनीं सहज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित
विशेष लेख अमित नूरीवाल, सहायक सूचना अधिकारी
धमतरी…. सरकारी कार्यालयों तक पहुंचना, आवेदन जमा करना, दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करना और प्रमाण पत्र मिलने तक बार-बार जानकारी लेना—ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के लिए यह प्रक्रिया अक्सर समय और श्रम दोनों मांगती रही है। खासकर दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए एक छोटे से शासकीय कार्य के लिए भी कार्यालय तक पहुंचना अतिरिक्त खर्च और परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार की ‘सेवा सेतु’ पहल ने डिजिटल माध्यम से शासकीय सेवाओं को नागरिकों के और करीब लाने का काम किया है।
धमतरी जिले के ग्राम सिरी निवासी पूजा एवं किरण के लिए भी स्थानांतरण प्रमाण पत्र प्राप्त करना एक आवश्यक शासकीय कार्य था। पहले ऐसी सेवाओं के लिए संबंधित कार्यालय तक जाना, आवेदन जमा करना और प्रक्रिया की जानकारी के लिए कार्यालय से संपर्क बनाए रखना पड़ता था। लेकिन ‘सेवा सेतु’ ने इस पूरी प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बना दिया।
पूजा और किरण ने घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया, आवश्यक दस्तावेज डिजिटल माध्यम से अपलोड किए और आवेदन की स्थिति की जानकारी भी ऑनलाइन प्राप्त की। निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन का निराकरण होने के बाद उन्हें स्थानांतरण प्रमाण पत्र सफलतापूर्वक प्राप्त हो गया। इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें बार-बार शासकीय कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
प्रमाण पत्र मिलने के बाद पूजा और किरण ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि डिजिटल माध्यम से आवेदन करना उनके लिए बेहद सुविधाजनक रहा। उन्हें आवेदन जमा करने से लेकर उसकी स्थिति जानने तक के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े। इससे उनका समय और आने-जाने का खर्च दोनों बचा।
तकनीक बनी सुविधा, सुविधा बनी राहत
‘सेवा सेतु’ की सफलता केवल ऑनलाइन आवेदन की सुविधा तक सीमित नहीं है। इसका वास्तविक प्रभाव उस समय दिखाई देता है, जब किसी ग्रामीण नागरिक को अपने आवश्यक दस्तावेज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। घर बैठे आवेदन, दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा, आवेदन की स्थिति की जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया के बाद प्रमाण पत्र प्राप्त होना—ये सभी सुविधाएं नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं को अधिक सहज बना रही हैं।
डिजिटल व्यवस्था से प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ती है। नागरिक अपने आवेदन की स्थिति से अवगत रह सकते हैं और उन्हें हर चरण की जानकारी प्राप्त होती है। इससे अनावश्यक कार्यालयीन दौड़-भाग कम होती है तथा सरकारी सेवाओं की पहुंच उन लोगों तक भी आसान होती है, जो भौगोलिक दूरी या समय की कमी के कारण कार्यालयों तक नियमित रूप से नहीं पहुंच पाते।
ग्रामीण नागरिकों के लिए बदल रहा सरकारी सेवाओं का अनुभव
ग्राम सिरी की पूजा और किरण की कहानी डिजिटल सुशासन के उस सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है, जिसमें तकनीक का उपयोग केवल व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिक का जीवन आसान बनाने के लिए किया जा रहा है।
दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए समय की बचत का अर्थ केवल सुविधा नहीं, बल्कि उनके रोजमर्रा के काम, रोजगार और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध होना भी है। एक प्रमाण पत्र के लिए पूरा दिन कार्यालय आने-जाने में खर्च करने के बजाय नागरिक अब डिजिटल माध्यम से अपने कार्य को अधिक सरलता से पूरा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री की सुशासन की सोच का जमीनी असर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासन-प्रशासन को अधिक सरल, पारदर्शी, संवेदनशील, समयबद्ध और नागरिक-केंद्रित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ‘सेवा सेतु’ जैसी डिजिटल पहल इसी सोच को धरातल पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पूजा और किरण को घर बैठे मिला स्थानांतरण प्रमाण पत्र इस बात का उदाहरण है कि जब तकनीक को जनसुविधा से जोड़ा जाता है, तो शासकीय सेवाओं का स्वरूप बदलता है। अब नागरिक के लिए सरकारी सेवा तक पहुंचने का अर्थ केवल कार्यालय की खिड़की तक पहुंचना नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यम से अपने घर से ही सेवा प्राप्त करना भी है।
पूजा और किरण ने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी डिजिटल सेवाओं से ग्रामीण नागरिकों का समय, श्रम और अनावश्यक खर्च बच रहा है। उनके लिए यह केवल प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा नहीं, बल्कि सरकार और नागरिक के बीच आसान एवं भरोसेमंद संपर्क का अनुभव है।
एक क्लिक से आवेदन, प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय पर सेवा—‘सेवा सेतु’ डिजिटल सुशासन को जनसुविधा में बदलने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। ग्राम सिरी की पूजा और किरण की कहानी इसी बदलाव की जमीनी तस्वीर प्रस्तुत करती है।









