नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पुणे में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने डोभाल के राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान की सराहना करते हुए बड़ा खुलासा किया कि इंडियन मुजाहिदीन के 13 बम धमाकों की जांच में डोभाल की ओर से मिली अहम जानकारी के आधार पर गुजरात पुलिस देशभर में हुए सीरियल ब्लास्ट की गुत्थी सुलझाने में सफल रही।
अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई ऐसे अहम योगदान हैं, जिनकी सार्वजनिक रूप से ज्यादा चर्चा नहीं होती। उन्होंने बताया कि विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में अजीत डोभाल के कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा पर गहन मंथन हुआ, लेकिन 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाए जाने के बाद उन विचारों को जमीन पर उतारा गया।
गृह मंत्री ने कहा कि अजीत डोभाल देश के सबसे लंबे समय तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर रहने वाले अधिकारी हैं। उन्होंने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और तकनीक आधारित सुरक्षा रणनीति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों के पीछे डोभाल का अनुभव और रणनीतिक सलाह रही है।









