गर्मी में बढ़ रहा रेड आई का खतरा, रहें सतर्क – डॉ. क्षितिज साहू

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कुरुद। गर्मी का मौसम अपने साथ जहां तेज धूप और लू लेकर आता है वहीं यह आंखों से जुड़ी समस्याओं को भी बढ़ा देता है। विशेष रूप से कंजंक्टिवाइटिस जिसे आम भाषा में रेड आई या आई फ्लू कहा जाता है इन दिनों तेजी से फैलने वाली बीमारी बन जाती है।
सिविल अस्पताल कुरुद मे पदस्थ नेत्र चिकित्सा सहा.अधिकारी डॉ. क्षितिज साहू ने लोगों को इस बीमारी के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान और सही सावधानी से इस संक्रमण से बचा जा सकता है। यह आंख की पारदर्शी झिल्ली कंजंक्टिवा में सूजन होने की स्थिति है जिसमें आंखें लाल हो जाती हैं जलन होती है और स्राव डिस्चार्ज निकलता है। यह समस्या सामान्यतः 1 से 2 सप्ताह तक रह सकता है। डॉ. क्षितिज के अनुसार इसके मुख्य कारण हैं वायरल संक्रमण सबसे आम, अक्सर सर्दी-जुकाम के साथ बैक्टीरियल संक्रमण जैसे स्टैफिलोकोकस या स्ट्रेप्टोकोकस एलर्जी धूल, परागकण, इन्फेक्टेड पालतू जानवर या कॉन्टैक्ट लेंस जलन पैदा करने वाले तत्व धूल, धुआं, रसायन, गर्म हवा आदि,अगर ये संकेत दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं, आंखों में लालिमा या खुजली, जलन या किरकिरापन पानी जैसा या गाढ़ा पीला/हरा स्राव सुबह पलकों पर पपड़ी जमना पलकों में सूजन और रोशनी से परेशानी। वायरल संक्रमण अक्सर अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन डॉक्टर की सलाह व समय मे ईलाज जरुरी है सभी मामलों में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक केंद्र या जिला अस्पताल में उपचार उपलब्ध है जहाँ नेत्र चिकित्सक /सहा. नेत्र चिकित्सक पदस्थ है । संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से हाथों के माध्यम से आंखों तक स्कूलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों में तेजी से फैलता है।

डॉ.क्षितिज ने विशेष रूप से ये सावधानियां अपनाने को कहा, बार-बार हाथ धोएं आंखों को छूने से बचें तौलिया, रूमाल या मेकअप साझा न करें कॉन्टैक्ट लेंस की साफ-सफाई का ध्यान रखें धूल और तेज हवा से आंखों को बचाएं, आई प्रोटेक्शन के लिए चश्मा का उपयोग करे, खूब पानी पिए, गर्म और शुष्क मौसम, धूल भरी हवाएं और पसीना ये सभी आंखों को संवेदनशील बनाते हैं जिससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

वरिष्ठ नेत्र चिकित्सा सहा. अधिकारी डॉ. प्रवीण टण्डन ने लोगों से अपील की है कि आंखों में हल्की भी परेशानी को नजरअंदाज न करें। समय पर इलाज और सावधानी ही इस संक्रामक बीमारी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।समस्या होने पर तत्काल नेत्र रोग चिकित्सक को दिखाये! विकासखण्ड नेत्रदान अधिकारी डॉ लोमेश कुर्रे ने नेत्रदान के लिए भी लोगो को अधिक से अधिक प्रेरित करने की अपील की है ।

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