धमतरी। जिले का एक ऐसा इलाका, जहाँ अपराधियों के मन में खौफ होना चाहिए, वहां आज हवाओं में कपूर और हवन की खुशबू तैर रही है। यह कोई साधारण मंदिर नहीं, बल्कि सिहावा थाना परिसर है, जहाँ कानून के रखवाले ही ‘आस्था के रक्षक’ बन चुके हैं।
आमतौर पर पुलिस थानों में फरियादियों की भीड़ और संगीन जुर्मों की चर्चा होती है, लेकिन सिहावा थाने का नजारा बिल्कुल उलट है। यहाँ बंदूक थामने वाले हाथ सुबह-शाम मां खंभेश्वरी देवी की आरती उतारते हैं। 9 दिनों के चैत्र नवरात्रि उत्सव के दौरान, यहाँ तैनात पुलिसकर्मी अपनी प्रोफेशनल ड्यूटी और अध्यात्म के बीच एक ऐसा संतुलन बिठाते हैं, जो किसी मिसाल से कम नहीं।
इस बार की महाअष्टमी पर यहाँ जो दिखा, उसने सबका दिल जीत लिया। कड़क वर्दी पहने अफसरों ने न केवल हवन कुंड में आहुतियां दीं, बल्कि नव-कन्याओं के पैर पखारकर उन्हें भोजन कराया। पुलिसकर्मियों का कहना है कि यह भक्ति ही उन्हें कठिन ड्यूटी के दौरान मानसिक शांति और शक्ति प्रदान करती है।



