प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली जिंदगी: रमेश अगरिया का सपना हुआ साकार

रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन का आधार बन रही है।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम नवाडीह निवासी  रमेश अगरिया की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। कभी मिट्टी और खपरैल के जर्जर घर में रहने को मजबूर श्री रमेश आज अपने पक्के और सुरक्षित घर में परिवार के साथ खुशहाल जीवन बिता रहे हैं।

बरसात के दिनों में जहां पहले हर बारिश चिंता और परेशानी लेकर आती थी, वहीं अब उनके जीवन में सुरक्षा और आत्मविश्वास ने जगह ले ली है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता राशि और मनरेगा से प्राप्त 90 मानव दिवस की मजदूरी ने उनके सपनों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रमेश ने अपनी मेहनत और अतिरिक्त संसाधन लगाकर घर को और बेहतर एवं सुविधायुक्त बनाया।

रमेश अगरिया बताते हैं कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनका परिवार भी एक दिन पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकेगा।

वे कहते हैं कि शासन की इस योजना ने उनके परिवार को नई पहचान और नया आत्मविश्वास दिया है।
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से हजारों जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल लोगों का जीवन स्तर सुधर रहा है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे जरूरतमंद परिवारों के सपने साकार हो रहे हैं।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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