प्रेस वार्ता आयोजित कर सभी आरोपों को बताया झूठा और निराधार
कुरूद। कुरूद विधानसभा के ग्राम पंचायत सिवनीकला में भारतमाला परियोजना से जुड़े मुआवजा प्रकरण को लेकर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में टिकेश्वर उर्फ टकेश्वर चंद्राकर ने ग्राम सिवनीकला के गौशाला परिसर में रविवार को ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं मुआवजा प्राप्त किसानों की उपस्थिति में प्रेसवार्ता आयोजित कर अपना पक्ष रखा।
प्रेस वार्ता में टकेश्वर चंद्राकर ने कहा कि विपक्षी पार्टी कांग्रेस के तथाकथित नेताओं द्वारा उन पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार, भ्रामक और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि यदि ग्राम सिवनीकला से गुजरने वाली भारतमाला सड़क परियोजना में मुआवजा प्राप्त किसी एक व्यक्ति की भूमि का अधिसूचना के बाद छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटवारा या डायवर्सन कराए जाने का प्रमाण मिल जाए, तो वे राजनीति से संन्यास लेने को तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों द्वारा जमीन का बंटवारा और छोटे-छोटे टुकड़ों में रजिस्ट्री प्रशासन की अधिसूचना जारी होने से पहले की गई थी। इसका उद्देश्य किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करना था। बाद में भारतमाला परियोजना की अधिसूचना 30 जनवरी 2020 में जारी हुई। आगे बताया कि इस संबंध में राजपत्र में प्रकाशित दस्तावेजों में भी पूरी जानकारी दर्ज है।
पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर रजिस्ट्री दस्तावेजों में बार-बार उनका नाम आने के आरोप पर टिकेश्वर चंद्राकर ने कहा कि गांव में जमीन खरीदी-बिक्री के दौरान लोग उन्हें गवाह के रूप में बुलाते हैं और सामाजिक संबंधों के कारण वे गवाह बनने से मना नहीं कर पाते। इसी वजह से अनेक रजिस्ट्रियों में उनके हस्ताक्षर दर्ज हैं। चार करोड़ रुपये की जमीन पर करीब साढ़े 15 करोड़ रुपये मुआवजा लेने के आरोप को उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार है। सड़क की दिशा बदलकर सर्पाकार मार्ग बनाने से लाभ पहुंचाने के आरोप पर श्री चंद्राकर ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि वे केंद्र सरकार को सड़क की दिशा बदलने का निर्देश देने की स्थिति में होते, तो यह संभव होता। उन्होंने कहा कि भारतमाला जैसी राष्ट्रीय परियोजनाओं का निर्धारण तकनीकी सर्वेक्षण और विशेषज्ञों की अनुशंसा के आधार पर किया जाता है।
टिकेश्वर चंद्राकर ने कहा कि भारतमाला परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद उनके परिवार, रिश्तेदारों अथवा सहयोगियों के नाम पर कोई भूमि खरीदी बिक्री नहीं गई है और न ही किसी प्रकार का अतिरिक्त या अवैध मुआवजा प्राप्त किया गया है। भूमि के बंटवारे और रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया परियोजना की अधिसूचना से पहले की गई थी जिसका रिकॉर्ड राजपत्र और राजस्व दस्तावेजों में उपलब्ध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कांग्रेसी नेता राजनीतिक द्वेषवश लगातार शिकायतें कर रहे हैं तथा जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास उनके खिलाफ ठोस दस्तावेजी प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास बंद किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच में सभी तथ्य सामने आएंगे और सच्चाई जनता के सामने स्पष्ट होगी।
शिकायतकर्ताओं कांग्रेसी लोगों के द्वारा साजिश का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि आरोप साबित हो जाए तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा।
किसान कपिल पटेल सहित अन्य मुआवजा प्राप्त किसानों ने कहा कि सरकार के गाइडलाइन के तहत हमने मुआवजा प्राप्त किया है।
प्रेस कांफ्रेंस में टकेश्वर चंद्राकर ने भारत मल परियोजना के अंतर्गत ग्राम सिवनीकला में मुआवजा घोटालों के आरोपों को लेकर कांग्रेसी नेताओं पर तीखा हमला बोला है। ग्राम पंचायत के सरपंच लता ध्रुव, उपसरपंच दीपदान साहू, जनपद सदस्य टेकराम साहू, ग्रामीण अध्यक्ष विक्रम साहू, ग्राम पटेला सुरेश तारक , सोसायटी अध्यक्ष चंद्रप्रकाश साहू, सुशील साहू पूर्व सभापति जनपद पंचायत कुरूद, पंचगण कृष्णा तारक, सुरेश हिरवानी, किशन पटेल, अंकुश चंद्राकर, कपिल देव, लोमश साहू, कुसुम पटेल, गायत्री साहू, ममता सेन, रेणुका सहित बड़ी संख्या में मुआवजा प्राप्त किसानों एवं ग्रामीणों ने भारतमाला परियोजना संबंधी शिकायतों को राजनीतिक द्वेष और बदले की भावना से प्रेरित बताया।







