तालाब में डूबने से गंवाया था पैर, अब जयपुर पैर की मदद से फिर आसान होगी जिंदगी की राह
सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांगजनों को मिल रहा संबल, सहायक उपकरणों से संवर रहा जीवन
धमतरी। किसी दुर्घटना या हादसे के कारण जीवन में आई शारीरिक बाधा व्यक्ति के आत्मविश्वास और रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है, लेकिन समय पर उचित सहायता और संवेदनशील पहल से जीवन को फिर नई दिशा मिल सकती है। धमतरी जिले के ग्राम सोरम निवासी मंगलू राम साहू की कहानी इसी उम्मीद और बदलाव की प्रेरक मिसाल है। ‘निदान-03’ विशेष शिविर में उन्हें जयपुर पैर मिला है। अब उन्हें बैसाखी के सहारे चलने की मजबूरी से राहत मिलने और दैनिक जीवन में अधिक सहजता के साथ आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।
तालाब में हादसे ने बदली जिंदगी की राह
मंगलू राम साहू बताते हैं कि तालाब में डूबने की घटना के कारण उन्हें अपना पैर गंवाना पड़ा था। इसके बाद चलने-फिरने के लिए उन्हें बैसाखी का सहारा लेना पड़ता था। रोजमर्रा के कामों के लिए दूसरों पर निर्भरता और आवागमन में होने वाली कठिनाइयां उनके जीवन की बड़ी चुनौती बन गई थीं। ऐसे में कृत्रिम पैर मिलने की सुविधा उनके लिए नई आशा लेकर आई है।
ग्राम पंचायत के सरपंच के माध्यम से उन्हें धमतरी के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘निदान-03’ शिविर की जानकारी मिली। वे शिविर पहुंचे, जहां उनकी आवश्यकता के अनुरूप परीक्षण एवं प्रक्रिया के बाद उन्हें जयपुर पैर उपलब्ध कराया गया। सहायक उपकरण मिलने से अब वे पहले की तुलना में अधिक सहजता से चलने-फिरने और अपने दैनिक कार्य स्वयं करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। उनके लिए यह केवल एक कृत्रिम अंग नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और जीवन में नई संभावनाओं का माध्यम है।
एक शिविर, अनेक सुविधाएं और बेहतर जीवन की उम्मीद
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग एवं भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय ‘निदान-03’ विशेष शिविर दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। शिविर में हितग्राहियों की जरूरतों के अनुरूप कृत्रिम अंग, कैलिपर्स, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों की आंखों और कानों की जांच कर आवश्यकतानुसार चश्मे एवं श्रवण संबंधी उपकरणों की सुविधा भी दी जा रही है। इसके साथ ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी), बस पास और एम-आधार कार्ड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सेवा से सशक्तीकरण की ओर
‘निदान-03’ शिविर का उद्देश्य केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम बनाना, उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायता पहुंचाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर प्रोत्साहित करना है। मंगलू राम साहू के जीवन में जगी नई उम्मीद इस बात का उदाहरण है कि जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचने से उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। सेवा संकल्प अभियान की यही भावना है—हर जरूरतमंद तक संवेदनशीलता के साथ सहायता पहुंचाना और सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसरों को मजबूत करना।









