धमतरी। नाबालिग से लैंगिक अपराध के आरोपी को न्यायालय ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। चौकी बिरेझर पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना एवं सशक्त साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोषसिद्धि का फैसला सुनाया।
चौकी बिरेझर, थाना कुरूद में दर्ज अपराध क्रमांक 199/2024 के नाबालिग के अपहरण एवं लैंगिक अपराध के प्रकरण में अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.एस.सी.), धमतरी द्वारा आरोपी कोमल लहरे (21 वर्ष), निवासी मोहदा, थाना अमलेश्वर, जिला दुर्ग को दोषसिद्ध पाते हुए कठोर दंड से दंडित किया गया।
न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तर्कों से संतुष्ट होकर आरोपी को दोषी ठहराते हुए धारा 363 भा.दं.सं. के अंतर्गत 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रूपये अर्थदंड, धारा 366 भा.दं.सं. के अंतर्गत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000 रुपये अर्थदंड, पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3,000 रूपये अर्थदंड से दंडित किया है।
पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय ने प्रकरण की उत्कृष्ट विवेचना, सशक्त साक्ष्य संकलन एवं प्रभावी न्यायालयीन समन्वय के फलस्वरूप आरोपी को कठोर दंड दिलाने पर तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू के कार्य की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।
धमतरी पुलिस महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति पर कार्य करते हुए प्रत्येक प्रकरण में त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी विवेचना सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।










