बारनवापारा और सिरपुर की विरासत से रूबरू हुए प्रतिनिधि
यात्रा की शुरुआत बारनवापारा स्थित हरेली इको रिजॉर्ट से हुई, जहां प्रतिनिधियों का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी अंदाज में स्वागत किया गया। यहां प्रतिनिधियों ने बांस की बोटिंग का आनंद लिया और स्थानीय सांस्कृतिक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों को देखा। इसके बाद, टूर ऑपरेटर्स ने ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक नगरी सिरपुर का भ्रमण किया। वहां उन्होंने प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर, तीवरदेव विहार और सुरंग टीला जैसी ऐतिहासिक धरोहरों की स्थापत्य कला और गौरवगाथा को समझा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग को मिलेगी गति
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को न केवल प्रचार मिलेगा, बल्कि यह सीधे राष्ट्रीय पर्यटन बाजार से जुड़ेगा। जब टूर ऑपरेटर्स खुद राज्य की सुविधाओं, खान-पान, रिसॉर्ट्स और संस्कृति का प्रत्यक्ष अनुभव करेंगे, तो वे अपने ग्राहकों को छत्तीसगढ़ आने के लिए बेहतर ढंग से प्रेरित कर सकेंगे। इससे राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय होटल व्यवसाय, हस्तशिल्प, परिवहन और रोजगार के अवसरों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा।










