बिहान से मिली नई राह, स्वरोजगार से लखपति बनीं ज्योति दीदी

बिलासपुर। मस्तुरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बोहारडीह की  ज्योति कुर्रे ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर अपनी मेहनत और लगन से स्वरोजगार की नई राह बनाई है। वे गांव में संचालित ’’सागर महिला स्व सहायता समूह’’ की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें मुर्गी एवं बत्तख पालन के लिए बैंक से ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का सदुपयोग करते हुए ज्योति कुर्रे ने बत्तख, मुर्गी एवं बटेर पालन का व्यवसाय शुरू किया।

ज्योति कुर्रे ने बताया कि इस व्यवसाय से प्राप्त अंडों को वे स्थानीय स्तर पर गांव में विक्रय करती हैं। इसके साथ ही थोक में अंडों का व्यवसाय कर अच्छा मुनाफा अर्जित कर रही हैं। ज्योति कुर्रे ने अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में किराना दुकान का संचालन भी शुरू किया है। मुर्गी पालन, अंडा व्यवसाय और किराना दुकान के माध्यम से वे प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।

बिहान योजना के माध्यम से मिले मार्गदर्शन, समूह का सहयोग और बैंक ऋण की सुविधा ने ज्योति कुर्रे को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ ही स्वावलंबन की मिसाल बन रही हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिले तो वे अपनी मेहनत से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

ज्योति कुर्रे ने कहा कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी आजीविका को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना ने उन्हें ’’आत्मनिर्भर, सक्षम और आर्थिक रूप से सशक्त’’ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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