mahasamund : महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के मूर्तियों का हो रहा डेटाबेस तैयार 

महासमुंद @ मनीष सरवैया। महासमुंद जिले में शहरों और कस्बों में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाएं अब सिर्फ चबूतरों तक सीमित नहीं रहेंगी। प्रतिमाओं की उपेक्षा और रखरखाव में लापरवाही की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रदेश में पहली बार महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और जननायकों की प्रतिमाओं का ऑनलाइन डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। अब हर प्रतिमा की फोटो, लोकेशन और रखरखाव से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी। यही रिकॉर्ड भविष्य में मेंटेनेंस के लिए फंड जारी करने का आधार बनेगा। महासमुंद जिले में इस दिशा में कदम बढ़ा दिया ।

महासमुन्द जिले में कुल 146 परिवार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के है,पालिका क्षेत्र में महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, लाल बहादुर शास्त्री जी,पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, डॉ.राम मनोहर लोहिया सहित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अन्य महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित हैं।अब साथ ही साथ स्वतंत्रा संग्राम सेनानी के भी मूर्तियां स्थापित करने कि मांग उठ रही है, इन सभी की नियमित निगरानी और रखरखाव की जिम्मेदारी तय की गई है। प्रतिमाओं के आसपास साफ-सफाई, लाइटिंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रतिमाओं के रखरखाव के लिए 12 बिंदुओं की विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। इसमें नियमित निरीक्षण से लेकर सफाई, सौंदर्यीकरण, लाइटिंग, सुरक्षा, चबूतरे की स्थिति, विशेष अवसरों पर आवश्यक व्यवस्था, अनुशासन, अभिलेख संधारण और फोटो-दस्तावेजीकरण तक के निर्देश दिए गए हैं। नई प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अब तक प्रतिमाओं के रखरखाव और मरम्मत का खर्च संबंधित नगरीय निकायों को अपने स्तर पर उठाना पड़ता था। नई व्यवस्था में हर प्रतिमा की फोटो और लोकेशन ऑनलाइन दर्ज होने के साथ उसकी स्थिति का रिकॉर्ड भी तैयार होगा। प्रतिमाओं के रखरखाव की आवश्यकता के अनुसार फंड जारी किया जाएगा। इससे यह पता लगाना भी आसान होगा कि किस प्रतिमा को तत्काल मरम्मत, सफाई, रंग-रोगन, लाइटिंग या अन्य रखरखाव की जरूरत है।
डिजिटल डेटाबेस की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि प्रतिमाओं के रखरखाव की व्यवस्था रिकॉर्ड और निगरानी आधारित होगी। इससे किसी प्रतिमा के खराब होने, गंदगी से घिरे रहने या प्रकाश व्यवस्था नहीं होने की स्थिति को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा।

 

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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