Dhamtari: कागजों से जमीन तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने दिए निर्देश

धमतरी में विभागवार योजनाओं की समीक्षा, हितग्राहियों को मिल रहे लाभ की ली जानकारी

धमतरी। अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग आर.एस. विश्वकर्मा ने जिले में पिछड़ा वर्ग के लिए संचालित शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति की समीक्षा की। आयोग का जोर इस बात पर रहा कि शासन की योजनाएं केवल आंकड़ों और कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक एवं समयबद्ध लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचे। जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोग अध्यक्ष  आर.एस. विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागवार योजनाओं की प्रगति, हितग्राहियों को प्राप्त लाभ और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिले के चार विकासखंडों में पिछड़ा वर्ग के 1,02,996 परिवारों तथा 2,32,906 सदस्यों की संख्या की जानकारी दी गई। पंचायत एवं नगरीय निकायों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति के साथ महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, मत्स्य पालन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, समाज कल्याण, कौशल विकास, कृषि, वाणिज्य एवं उद्योग, स्वच्छ भारत मिशन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति आयोग के समक्ष प्रस्तुत की गई।

आवास, शिक्षा और रोजगार में पिछड़ा वर्ग को मिल रहा लाभ

समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों के लिए 20,712 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 15,082 हितग्राही लाभान्वित हो चुके हैं। शिक्षा के क्षेत्र में निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से 3,448 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। इसी प्रकार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र में दर्ज 51,666 जीवित पंजीयनों में से 30,496 पंजीयन पिछड़ा वर्ग के युवाओं के हैं।

बैठक में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों और युवाओं को छात्रवृत्ति, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के साथ कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उद्यमिता आधारित योजनाओं का लाभ दिलाने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं की जानकारी देने तथा आवेदन से लेकर लाभ मिलने तक आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने कहा गया।

स्वच्छता और ग्रामीण अधोसंरचना में भी प्रगति

स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिले की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 620 गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव घोषित किया जा चुका है, जबकि 779 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। आयोग ने स्वच्छता गतिविधियों को निरंतर बनाए रखने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से स्वच्छता को व्यवहार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।

गांवों की बुनियादी जरूरतों को पूरा कर रही वीबी-जी राम जी योजना

कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने ग्रामीण अधोसंरचना विकास के लिए संचालित वीबी-जी राम जी योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि योजना के माध्यम से गांवों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ स्थानीय स्तर पर सुविधाओं और आजीविका के अवसरों को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत स्कूल, आंगनबाड़ी, सड़क, नाली, आजीविका गतिविधियों, हथकरघा, लाइब्रेरी, अस्पतालों के अतिरिक्त कक्ष तथा सामुदायिक भवन सहित विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में योजना के अंतर्गत 212 स्कूलों में बालक एवं बालिका शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा 200 से अधिक गांवों में मुक्तिधाम के निर्माण एवं मरम्मत का कार्य जारी है। ग्रामीणों की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यावसायिक परिसर एवं हाट-बाजार जैसी अधोसंरचनाएं भी विकसित की जा रही हैं। योजना के माध्यम से आजीविका संवर्धन, स्वच्छता, आधारभूत अधोसंरचना विकास और जल संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।

योजनाओं की सफलता का पैमाना पात्र हितग्राही तक पहुंचे वास्तविक लाभ

आयोग अध्यक्ष  आर.एस. विश्वकर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पिछड़ा वर्ग के हितों को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं की सफलता केवल स्वीकृतियों और आंकड़ों से नहीं, बल्कि पात्र परिवारों तक वास्तविक लाभ, सुविधा और अवसर पहुंचने से तय होती है। उन्होंने विभागीय योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे मैदानी स्तर पर नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र हितग्राही को जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न होना पड़े।

बैठक में नगर निगम आयुक्त अरुण वर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

Hamar Dhamtari
Author: Hamar Dhamtari

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