प्रदीप साहू @ नगरी। विकासखंड नगरी के ग्राम बेलर (डोगलापारा) में स्वर्गीय सुखवति वारिसे के निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार नेत्रदान कर मानवता की मिसाल पेश की। इस पुनीत कार्य से दो दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में रोशनी लौटने की उम्मीद जगी है।
नेत्रदान की प्रक्रिया मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. टोंडर, जिला नोडल अधिकारी अंधत्व डॉ. राजेश सूर्यवंशी, बीएमओ डॉ. डी.एन. सोम एवं डॉ. ए.के. नेताम तथा सहायक नोडल अधिकारी गुरुशरण साहू के मार्गदर्शन में पूरी की गई।
विकासखंड नोडल अधिकारी क्षितिज साहू, लोमेश कुर्रे, डॉ. जय किशन नाग, योगेंद्र बोखा, देवेंद्र साहू, शिवेंद्र राजवाड़े, राकेश साहू एवं सांकरा नेत्र सहायक अधिकारी की टीम ने नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न कराई।
अधिकारियों का कहना है कि नेत्रदान को लेकर कई तरह की भ्रांतियां लोगों के बीच मौजूद हैं, जागरूकता के अभाव में लोग नेत्रदान जैसे मानवीय कार्य के लिए आगे नहीं आ पाते. ऐसे में लगातार जागरूकता अभियान चलाकर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना जरूरी है।नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से जरूरतमंद दो दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी लाने में मदद मिल सकती है।









