लॉन्ड्री कक्ष, आंतरिक सीसी सड़क, उद्यान विकास और पार्किंग शेड विस्तार सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव स्वीकृत
धमतरी। जिला चिकित्सालय धमतरी को आधुनिक, सुव्यवस्थित और मरीजों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में शुक्रवार को जीवनदीप समिति की सामान्य सभा की बैठक में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा की उपस्थिति में आयोजित बैठक में अस्पताल की अधोसंरचना, स्वच्छता, आवागमन, पार्किंग और मरीज सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरुण टोडर, सिविल सर्जन डॉ. आदित्य सिंह, डीपीएम श्रीमती प्रिया सहित जीवनदीप समिति के सदस्य उपस्थित थे।
200 बिस्तरों के विस्तार से बढ़कर 450 बिस्तरों की होगी क्षमता
प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा ने जिला चिकित्सालय में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और प्रस्तावित विस्तार कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पताल की स्वीकृत क्षमता 250 बिस्तरों की है, जिसमें 200 बिस्तरों की अतिरिक्त वृद्धि की जा रही है। इसके लिए भूमि का चिन्हांकन कर भवन निर्माण की प्रक्रिया प्रस्तावित है। लगभग डेढ़ से दो वर्ष में प्रस्तावित जी+ भवन तैयार होने के बाद जिला अस्पताल की क्षमता 450 बिस्तरों तक पहुंच जाएगी।
अस्पताल में बढ़ते मरीजों के दबाव और आसपास के जिलों से आने वाले रेफर मरीजों को देखते हुए यह विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए 50 बिस्तरों की पृथक इकाई तथा नवजात एवं समयपूर्व जन्म लेने वाले बच्चों के लिए एचसीयू जैसी सुविधाओं के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही 40 बिस्तरों की पृथक आई यूनिट विकसित करने की योजना है।
अटल आरोग्य लैब में 133 से अधिक प्रकार की जांच सुविधाएं
प्रभारी मंत्री ने जिला चिकित्सालय में ‘अटल आरोग्य लैब’ का अवलोकन किया। योजना के अंतर्गत नागरिकों को 133 से अधिक प्रकार की जांच सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। वर्तमान चरण में 94 प्रकार की जांच सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, जिनमें सीरोलॉजी, हीमेटोलॉजी, इम्यूनोएसे, हार्मोन एनालाइजर, इलेक्ट्रोलाइट एनालाइजर और क्लीनिकल पैथोलॉजी सहित विभिन्न जांच शामिल हैं। आगामी चरणों में जांच सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा।
लैब की स्वचालित तकनीक से जांच प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और त्वरित बनाने में मदद मिलेगी। नागरिकों से भी उपलब्ध जांच सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की गई।
ट्रामा यूनिट एवं अन्य सुविधाओं के संचालन में तेजी
जिला चिकित्सालय में ट्रामा यूनिट को कार्यशील किए जाने के साथ ऑपरेशन थिएटर सहित संबंधित सुविधाओं का संचालन भी प्रारंभ किया गया है। अस्पताल में लिफ्ट, एमसीएस और ओटी काउंटर से जुड़े कार्य भी प्रगति पर हैं। शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। ब्लड बैंक यूनिट में भी आवश्यक सुविधाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है।
स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण के लिए विकसित होगा लॉन्ड्री कक्ष
जीवनदीप समिति ने अस्पताल परिसर में लॉन्ड्री कक्ष के विकास के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इससे चादर, बेडशीट, पर्दे और अन्य अस्पताल उपयोगी कपड़ों की धुलाई एवं स्वच्छता व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा। स्वास्थ्य संस्थान में संक्रमण नियंत्रण और स्वच्छ उपचार वातावरण बनाए रखने की दृष्टि से यह व्यवस्था उपयोगी होगी।
आंतरिक सीसी सड़क से सुगम होगा आवागमन
अस्पताल परिसर की आंतरिक सड़कों के सीमेंट-कांक्रीट निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है। इससे मरीजों, परिजनों, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के साथ एम्बुलेंस और अन्य वाहनों का आवागमन सुगम होगा। बारिश के दौरान परिसर में होने वाली आवागमन संबंधी परेशानियों को कम करने में भी यह कार्य सहायक होगा।
पार्किंग शेड और उद्यान विकास को भी मिली मंजूरी
मरीजों एवं उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग शेड के विस्तार का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। इससे अस्पताल परिसर में वाहनों की पार्किंग को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।
इसी तरह अस्पताल परिसर के उद्यान क्षेत्र के विकास एवं सौंदर्यीकरण को भी मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य परिसर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और मरीजों तथा उनके परिजनों के लिए बेहतर वातावरण वाला बनाना है।
अधोसंरचना के साथ मरीज सुविधाओं पर विशेष जोर
बैठक में अस्पताल की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया। जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ अधोसंरचना को मजबूत किए जाने से मरीजों को उपचार के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
जीवनदीप समिति के माध्यम से स्वीकृत ये कार्य अस्पताल परिसर की कार्यक्षमता, स्वच्छता और मरीज सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उपचार सुविधाओं के विस्तार के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।









